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जिला अदालत के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का गार्द रूम में पड़ा मिला शव

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जिला अदालत के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का गार्द रूम में पड़ा मिला शव

बरेली का रहने वाला था कर्मचारी, जिला जज समेत एसएसपी ने किया घटना स्थल का निरीक्षण

कर्मचारी के परिजनों को दी गई घटना की सूचना, मचा कोहराम

जागरण मोर्चा कार्यालय

बदायूं।  अदालत परिसर में उस समय सनसनी फैल गई जब एक अदालत के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का सोमवार को करीब तीन बजे गार्द रूम में शव कर्मचारियों ने जमीन पर पड़ा देखा। देखते ही देखते कोर्ट परिसर छावनी में तब्दील हो गया। जिला जज समेत एसएसपी अंकिता शर्मा ने घटना स्थल का निरीक्षण किया।

 

घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित पुराने सीजेएम कोर्ट के सामने गार्द रूम के पास कर्मचारी व स्टाफ के रूम में हुई, जहां कर्मचारी का शव जमीन पर करीब तीन बजे पड़ा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही अदालत परिसर में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।

बताया जा रहा है कि मृतक की पहचान बरेली के बीडीए कालौनी निवासी सुधीर कुमार (28) पुत्र महेंद्र पाल के रूप में हुई है, जो वर्ष 2023 बैच में कर्मचारी के रूप में भर्ती हुआ था। उसकी शुरुआती तैनाती सहसवान कोर्ट में हुई थी, लेकिन कुछ समय बाद उसका तबादला बदायूं जिला अदालत में हो गया था। सोमवार दोपहर के बाद अदालत परिसर में एक कर्मचारी ने पुराने सीजेएम कोर्ट के सामने गार्द में उसका जमीन पर पड़ा देखा तो यह दृश्य देखते ही वहां मौजूद कर्मचारियों और वादकारियों में हड़कंप मच गया। तुरंत ही पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम को भेज दिया गया। परिजनों को सूचना दी। सुचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। करीब छह बजे परिवार के लोग जिला मुख्यालय पहुंचे। शव देखते ही पिता व माता समेत परिजन बेसुध हो गए।

 

पत्नी करती थी प्रताड़ित…..माता-पिता से कर रखा था दूर, खुद भी घर में नहीं रहने देती थी

-माता-पिता ने रोते हुए कहा शादी नहीं बर्बादी हो गई, फोन पर ही समझाते थे बेटे को

-घटना स्थल को देख लग रहा कि कर्मचारी ने खा लिया कोई जहरीला पदार्थ

-मां बोली बेटा पत्नी से था परेशान, निकल गई बेटे को

जागरण मोर्चा कार्यालय

बदायूं। अदालत परिसर में हुई चतुर्थ कर्मचारी की संदिग्ध परि​स्थितियों में मौत से परिवार में कोहराम है। परिजनों का आरोप है कि पत्नी उसके परिवार से नहीं मिलने देती थी। उसका मानसिक व शारीरिक प्रताड़नाप देती थी। जब भी वह फोन से बात माता-पिता से कर लेता था तो फोन से नंबर भी डिलीट कर देता था कि कही उसकी पत्नी न देख ले। आरोप है कि पत्नी न तो माता-पिता के साथ रहने दे रही थी और न ही अपने पास ही रहने दे रही थी। इसी प्रताड़ना से परेशान होकर उसने आत्म हत्या जैसा कदम उठाया है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा भी मौके पर पहुंचीं और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और मामले की गहन जांच के आदेश दिए। पुलिस ने मौके पर फोरेंसिक टीम को भी बुलाया, जिसने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। उसने कोई विषाक्त पदार्थ खाया है, कमरे में कोई रस्सी व अन्य साम्रग्री नहीं मिली है जिससे अनुमान लगाया जाता कि फंदे पर लटका होगा। जबकि उसका शव कमरे में जमीन पर मिला है।

अदालत परिसर में हुई इस घटना से कर्मचारियों और अधिवक्ताओं में शोक और चिंता का माहौल है। सभी लोग इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं और आत्महत्या के कारणों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है।

एसपी सिटी अ​​भिषेक सिंह ने बताया कि प्रथम द्रष्ट्रया मामला आत्म हत्या का लग रहा है। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर सामने आएगी। साथ ही मृतक के परिजनों और सहकर्मियों से पूछताछ कर आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

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दो साल पहले हुई थी सुधीर की शादी
-सुधीर की शादी दो साल पहले नतीशा के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही वह सहसवान में अपने पति के साथ रहने लगी। बताया जाता है कि उसके बाद ही उसने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि इसी प्रता​ड़ना के चलते ही उसने आत्महत्या की है।

सहसवान में रहती है पत्नी
सुधीर की पत्नी सहसवान में किराए के मकान में रहती है। वह कभी मायके तो कभी कमरे पर रूकती है। वेतन आने के बाद अपने खाते में डलवा लेती थी। माता-पिता का आरोप है कि बेटा सुधीर कभी बदायूं तो कभी शहर में अन्य रिश्तेदारियों में ही रहकर गुजर करता था। जब तक पत्नी नहीं कह देती तक तक वह सहसवान नहीं जाता था।

पति की मौत की खबर मिलने के बाद भी नहीं पहुंची जिला मुख्यालय
-पति की मौत की खबर सुनने के बाद भी पत्नी नतीशा शव देखाने तक नहीं पहुंची। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसका कहीं कोई प्रेम प्रसंग चल होगा। इसी के चलते वह अपने पति को डरा-धमकाकर रखती आ रही थी।


गर्भवती है सुधीर की पत्नी
-परिजनों का कहना है कि पत्नी कभी उसको अपने पास तक नहीं आने देती थी। महीने में जब वेतन आता था तभी बुलाकर रुपये लेती और फिर बात नहीं करती। फोन पर उसकी एक एक पल की लोकेशन रखती थी। दिन में कई कई बार वीडियो कॉल पर बात कर उसकाे मानसिक प्रताड़ना देती आ रही थी। पिता महेंद्र पाल का कहना है कि पत्नी की वजह से ही मेरा बेटा नहीं रहा। जब भी वह बात करता था हम उसको समझा देते थे।

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सुधीर के पिता पुलिस विभाग में हैं एसआई
-सुधीर के पिता महेंद्र पाल सिंह शाहजहांपुर में एसआई के पद पर तैनात हैं। सोमवार को करीब चार बजे बेटे की मौत की खबर मिली तो वह अपनी कार से बरेली पहुंचे और दो बेटे और पत्नी के साथ बदायूं पहुंचे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार मूल रूप से अलापुर कसबे का रहने वाला है।

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