सीएचसी परिसर में बने बंद कमरे में मिला लापता फार्मेसिस्ट का शव
– पिछले मंगलवार से लापता बने थे फार्मेसिस्ट, शव के पास मिले दो मोबाइल पुलिस ने कब्जे में लिए
– फारेंसिक टीम ने पहुंच साक्ष्य जुटाए, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा
जागरण मोर्चा, कार्यालय
चन्दौसी। सीएचसी के फार्मेसिस्ट का शव परिसर में बने बंद एक कमरे से बरामद किया। फार्मेसिस्ट मंगलवार से लापता बने हुए हैं। सोमवार की रात ड्यूटी की थी। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। फारेंसिक टीम पहुंच साक्ष्य जुटाए। फार्मेसिस्ट बंद कमरे में कैसे पहुंचे पुलिस इसकी जानकारी करने में जुटी हैं।
पिछले काफी समय से मोहन पाठक व उनकी पत्नी हेमा पाठक सीएचसी में फार्मेसिस्ट पद पर तैनात है। वह आवास विकास पुष्प विहार में रहते हैं। मूल रूप से रानीखेत के नेयरकोट के निवासी है। यह पिछले काफी समय से कैंसर से पीड़ित थे और नली द्वारा भोजन करते थे। जिससे उनके हमेशा नाक में नली लगी रहती थी। फार्मेसिस्ट ने सोमवार की रात सीएचसी में ड्यूटी की थी। इसके बाद मंगलवार से फार्मेसिस्ट न तो घर पहुंचे और न ही ड्यूटी पर गए। वह मंगलवार से गायब हो गए। उनकी पत्नी ने बताया कि उनके पति पर दो मोबाइल थे, जिसमें एक बंद आ रहा तथा दूसरे मोबाइल पर बेल जा रही थी। मगर फोन रिसीव नहीं हो रहा था। इसके बाद बुधवार की दोपहर से वह मोबाइल भी बंद हो गया। इसके बाद परिजन फार्मेसिस्ट की काफी तलाश की। मगर कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार की फार्मेसिस्ट की पत्नी हेमा पाठक ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज करने को तहरीर दी। सीएचसी परिसर में सीएमओ के चालक फतेह सिंह परिवार के साथ एक आवास में रहते हैं। उनके बराबर में पिछले डेढ़ वर्ष से एक कमरा बंद पड़ा है। शुक्रवार की दोपहर चालक की पत्नी उर्मिला को घर सटे बंद पड़े कमरे की ओर से दुर्गंध आई। उन्होंने सीएचसी प्रभारी हरवेंदर सिंह को अवगत कराया। सूचना के बाद सीएचसी प्रभारी स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। कमरे के रोशनदान से सीएचसी प्रभारी ने मोबाइल से वीडियो बनाई। जिसमें एक शव पड़ा दिखा। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची गई। कमरे का कुंडा तोड़ा तो शव पड़ा था। जो काफी पुराना होने पर फूल हो गया था। घटना की सूचना पर फार्मेसिस्ट की पत्नी हेमा पाठक भी पहुंच गई। उन्होंने शव की शिनाख्त अपने पति के रूप में की। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव के पास से एटीएम, आधार कार्ड, दो मोबाइल, कुछ बर्तन व कपड़े एक बैग से बरामद किए। सूचना पर फारेंसिक टीम भी पहुंच गई। जिसने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मगर इसकी जानकारी नहीं हो सकी कि फार्मेसिस्ट डेढ़ वर्ष से बंद पड़े कमरे में कैसे पहुंचे। फार्मेसिस्ट का बड़ा पुत्र अंश पाठक बाहर रहकर एमबीबीएस व दूसरा पुत्र वंश बीटेक कर रहा है। वहीं घटना के बाद से सीएचसी का स्टाफ भी गमगीन बना है। स्टाफ में मौजूद लोग फार्मेसिस्ट के व्यवहार को काफी अच्छा बता रहे थे और उनके साथ कार्य करने के पल को याद कर आपस में बातचीत कर रहे थे।
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सीएचसी परिसर में डेढ़ वर्ष से कमरे से फार्मेसिस्ट का शव मिला है। जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। शव के पास से मिले दो मोबाइल को पुलिस ने कब्जे में लिया है। फिलहाल घटना की जांच कराई जा रही है।
दीपक तिवारी, सीओ, चन्दौसी







