जागरण मोर्चा 

हसनपुर |गुरुवार को नगर स्थित शक्तिपीठ मां चामुंडा मंदिर पर चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन मां भगवती मंडल की आठवीं आराध्य देवी मां महागौरी की भक्तों द्वारा विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर माता रानी से घर में शुभ समृद्धि एवं वैभव का आशीर्वाद प्राप्त किया। मां चामुंडा मंदिर पर प्रात से ही भक्तों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी, भक्तों द्वारा माता रानी को फल फूल प्रसाद नारियल चुनरी एवं श्रृंगार का सामान भेंट कर माता रानी की ज्योत की।

नगर स्थित श्री झारखंड महादेव शिवाला मंदिर, हनुमान मंदिर,शिव मंदिर,राधा कृष्ण मंदिर एवं माई जी महाराज का मंदिर सहित अन्य मंदिरों पर माता रानी की पूजा अर्चना करने के लिए भक्तों की भीड़ दिखाई दी। महिलाओं द्वारा घरों में माता रानी की ज्योत कर भोग लगाया गया और कन्याओं को भोग लगाया गया।धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां महागौरी की साधना करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही पापों से मुक्ति और मनचाहा जीवनसाथी मिलता है। मां महागौरी की पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ जरूर करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि कथा का पाठ करने से सुख-सुविधाओं में वृद्धि होती है और मां महागौरी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मां महागौरी की चार भुजाएं हैं,मां का ऊपरी दायां हाथ अभय मुद्रा में स्थित है,जबकि नीचे वाले हाथ में त्रिशूल है, ऊपर वाले बाएं हाथ में डमरू है और नीचे वाला बायां हाथ वर मुद्रा में है।मां की मुद्रा अत्यंत शांत है,मां भगवान शिव को अपने पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या कर रही थीं,जिसके परिणामस्वरूप उनका शरीर तपस्या के कारण काला पड़ गया था।इसके बाद मां ने अपने काले रंग को गौर वर्ण में परिवर्तित करने के लिए पुनः तपस्या की,मां की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उनके रंग को कांतिमय बना दिया, जिससे मां का रूप फिर से गौर हो गया।इसी कारण से मां के इस स्वरूप को महागौरी कहा जाता है। वहीं नगर पालिका प्रशासन द्वारा नवरात्रों के चलते नगर के सभी मंदिरों पर विशेष सफाई एवं चूने की व्यवस्था कराई गई। मंदिरों पर सुरक्षा व्यवस्था के मध्य नजर पुलिस बल तैनात रहा।

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