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बदायूं एचपीसीएल हत्याकांड: 50 हजार के इनामी दो भाइयों ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण

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बदायूं एचपीसीएल हत्याकांड:
50 हजार के इनामी दो भाइयों ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण

12 मार्च को उप महा प्रबंधक और मुख्य प्रबंधक की हत्या के मामले में पुलिस को थी लंबे समय से तलाश

इनाम घोषित होने के बाद भी पुलिस नहीं पा रही थी तलाश

बदायूं। मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव सेजनी में हुए बहुचर्चित एचपीसीएल हत्याकांड में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। इस मामले के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के साथ हत्या क मामले में साजिश रचने वाले उसके दो भाइयों पर 50 हजार रुपये के इनाम घोषित किया गया था। बुधवार को केशव प्रताप सिंह व उसके तहेरे भाई ने आखिरकार कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे दोनों को हिरासत में लेकर जेल भेजा है।

गौरतलब है कि 12 मार्च को एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के उप महा प्रबंधक सुधीर गुप्ता और मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात को अजय प्रताप और उसके साथियों समेत उसके भाई केशव व अभय प्रताप सिंह भी साजिश में शामिल पाए गए। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी थी।

जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर अभय प्रताप सिंह और केशव प्रताप सिंह का नाम सामने आया। दोनों पर हत्या की साजिश और वारदात में शामिल होने का आरोप लगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

इनाम घोषित होने के बाद पुलिस लगातार दोनों की तलाश में जुटी रही। संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर रहे। पुलिस की कई टीमें गठित कर उनकी तलाश की जा रही थी। हालांकि, पुलिस को सफलता नहीं मिल पा रही थी।

इसी बीच, अचानक केशव प्रताप सिंह व अभय प्रताप ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। बताया जा रहा है कि उसने अपने भाई के साथ मिलकर एक पुराने मामले में भी सरेंडर किया है। उसके इस कदम से पुलिस और प्रशासन दोनों हैरान हैं, क्योंकि लंबे समय से उसकी तलाश की जा रही थी।

सूत्रों के अनुसार, आरोपी के सरेंडर के पीछे पुलिस का बढ़ता दबाव और गिरफ्तारी का डर भी एक बड़ा कारण हो सकता है। पुलिस लगातार उसके करीब पहुंच रही थी, जिससे बचने के लिए उसने कोर्ट का रास्ता चुना।

इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए इधर-उधर तलाश करती रही, जबकि आरोपी ने सीधे कोर्ट में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया। इससे पुलिस की रणनीति पर भी चर्चा हो रही है।

फिलहाल, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उससे हत्याकांड से जुड़े अन्य आरोपियों और साजिश के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस सरेंडर के बाद मामले में कई और खुलासे हो सकते हैं।

बदायूं का यह हत्याकांड पहले से ही काफी चर्चाओं में रहा है और अब आरोपी के आत्मसमर्पण के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय ने बताया कि दोनो आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। साथ ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर मामले का पूरी तरह खुलासा किया जाएगा।

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