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जिला अस्पताल में दिनदहाड़े डॉक्टर से लूट, चाकू दिखाकर मोबाइल-नकदी छीनी

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जिला अस्पताल में दिनदहाड़े डॉक्टर से लूट, चाकू दिखाकर मोबाइल-नकदी छीनी

सुरक्षा पर सवाल: जिला अस्पताल परिसर में डॉक्टर से लूट कर आरोपी हुए फरार

 

सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही कोतवाली पुलिस

जागरण मोर्चा कार्यालय

 

बदायूं। शहर के जिला अस्पताल पुरुष परिसर में दिनदहाड़े एक डॉक्टर से लूट की वारदात सामने आई है, जिससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना थाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत अस्पताल परिसर स्थित मोर्चरी के पास की बताई जा रही है।

 

पीड़ित डॉक्टर विकास शर्मा, जो जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में मेडिकल ऑफिसर (एमओ) के पद पर तैनात हैं, ने बताया कि दो अज्ञात युवक उनके पास आए और पहले बातचीत के बहाने उन्हें उलझा लिया। बातचीत के दौरान ही आरोपियों ने अचानक चाकू निकाल लिया और जान से मारने की धमकी देते हुए उनका मोबाइल फोन और नगदी छीन ली।

 

घटना के बाद डॉक्टर किसी तरह अपनी जान बचाकर अस्पताल के इमरजेंसी परिसर पहुंचे और वहां मौजूद स्टाफ को पूरी जानकारी दी। दिनदहाड़े अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में हुई इस वारदात से कर्मचारियों और मरीजों में दहशत का माहौल बन गया।

 

पीड़ित डॉक्टर द्वारा घटना की सूचना तत्काल कोतवाली पुलिस को दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र में जांच-पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

 

इस घटना ने अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। स्थानीय लोगों और अस्पताल स्टाफ ने सुरक्षा बढ़ाने तथा नियमित गश्त की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

 

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कोतवाली परिसर में बनी पुलिस चौकी महज शोपीस

 

कोतवाली परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए अस्थाई चौकी का निर्माण कई साल पहले कराया गया। जहां पुलिस कर्मियों की तैनाती भी थी, लेकिन पिछले 1एक साल से पुलिस चौकी महज शोपीस बनकर रह गई है। यहां कोई पुलिसकर्मी व चौकी प्रभारी मौजूद नहीं रहता है। यही वजह है कि अस्पताल परिसर में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रहीं हैं। लेकिन दिनदहाड़े डॉक्टर से लूट के मामले ने अब सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

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चप्पा चप्पा पर है सुरक्षा कर्मियों की तैनाती

 

डॉक्टर और कर्मचारियों के साथ कोई अभद्रता न करे, किसी घटना को कोई अंजाम न दे। इसके लिए शासन ने सेवानिवृत्ति फौजियों को सुरक्षा गार्ड के रूप में जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में तैनाती दी है। जिला अस्पताल में तैनात गार्ड अपनी ड्यूटी सही से नहीं निभा पा रहे हैं। गार्ड या तो कमरे में बैठे दिखाई देते हैं या फिर बातों में मस्त हो जाते हैं। उन्हें यह चिंता नहीं होती कि डॉक्टर और कर्मचारी व तीमारदार सुरक्षित है या नहीं। इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद भी कई बार तीमारदारों के मोबाइल व पैसे चोरी हो गए लेकिन इन सुरक्षा गार्ड्स की मनमानी में कोई सुधार नहीं हुआ। पुलिस प्रशासन व अस्पताल प्रशासन ने भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है यही वजह है कि लगातार घटनाएं हो रही हैं। दिनदहाड़े डॉक्टर को निशाना बना लेना इसका उदाहरण है।

 

वर्जन

 

सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची। पूरे मामले की डॉक्टर से जानकारी ली गई है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरा को चेक कराया जा रहा है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी और इस पूरे मामले का खुलासा जल्द से जल्द कर दिया जाएगा। संजय सिंह, इंस्पेक्टर सदर कोतवाली

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