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जिसे बेटी मानकर दिया सहारा, उसी ने बुजुर्ग को किया बेघर

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जिसे बेटी मानकर दिया सहारा, उसी ने बुजुर्ग को किया बेघर

 

अनाथ समझकर पाला, अब सड़कों पर रात गुजारने को मजबूर बुजुर्ग

 

 

घर में बंद कर बुजुर्ग के साथ दस दिन तक की गई मारपीट

 

बुजुर्ग कैलाश तिवारी की पत्नी के नाम थी पूरी सम्पत्ति

 

बुजुर्ग का आरोप पत्नी की भी हत्या कर दी आरोपियों ने

 

पूरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के जवाहरपुरी मोहल्ले का मामला

जागरण मोर्चा कार्यालय

 

बदायूं। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मोहल्ला जवाहरपुरी से एक बेहद मार्मिक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग ने जिस युवती को अनाथ समझकर सहारा दिया, उसी पर अब घर से बेदखल करने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित बुजुर्ग कैलाश तिवारी इस समय न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं और सड़कों पर रात गुजार रहे हैं।

 

कैलाश तिवारी के अनुसार, उनके घर में एक किरायेदार रहता था, जिसकी बेटी रूबी को उन्होंने अनाथ समझकर अपने परिवार का हिस्सा बना लिया। उन्होंने उसे बेटी की तरह पाला-पोसा और उसकी परवरिश में कोई कमी नहीं छोड़ी। समय के साथ रूबी बड़ी हुई तो घर के कामकाज और जिम्मेदारियां भी उसी को सौंप दी गईं।

 

इसी बीच कैलाश तिवारी की पत्नी माया देवी की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। बुजुर्ग का आरोप है कि इसी दौरान रूबी ने एक अन्य युवक के साथ मिलकर उनकी पत्नी की हत्या कर दी। हालांकि, उन्हें बताया गया कि उनकी पत्नी की मौत बीमारी के चलते हुई है।

 

पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने अपनी पत्नी के शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कही तो आरोपियों ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया। किसी तरह दबाव बनाकर पत्नी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसके बाद आरोप है कि रूबी और उसका साथी उन्हें अपने साथ ले गए, जहां करीब दस दिनों तक एक कमरे में बंद कर उनके साथ मारपीट की गई।

 

कैलाश तिवारी का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया और उनके घर पर कब्जा कर लिया। किसी तरह मौका पाकर वह आरोपियों के चंगुल से छूटकर बाहर निकले और अपनी जान बचाई।

 

शुक्रवार को पीड़ित बुजुर्ग ने क्षेत्राधिकारी (सीओ) सिटी से मुलाकात कर अपनी पूरी आपबीती सुनाई और न्याय की गुहार लगाई। सीओ सिटी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

 

शनिवार को कैलाश तिवारी ने मीडिया के सामने आकर अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि जिस बेटी को उन्होंने सहारा दिया, उसी ने आज उन्हें बेघर कर दिया। अब उनके पास रहने के लिए कोई ठिकाना नहीं है और वह सड़कों पर रात बिताने को मजबूर हैं।

 

पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, उनकी पत्नी की मौत की सच्चाई सामने लाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने अपने मकान पर दोबारा कब्जा दिलाने की भी गुहार लगाई है।

 

मामले ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोग भी इस घटना को लेकर हैरान हैं और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस जांच में क्या सच्चाई सामने आती है और पीड़ित बुजुर्ग को कब तक न्याय मिल पाता है।

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