एडीजे तृतीय की कोर्ट ने सुनाई सजा
जागरण मोर्चा कार्यालय
रामपुर|पश्चिम बंगाल के रहने वाले एंबुलेंस चालक की हत्या करने के मामले में एडीजे तृतीय की कोर्ट ने दोषी को आजीवन कारावास और 21 हजार का जुर्माना लगाया है पश्चिम बंगाल के जिला दार्जिलिंग के थाना पानी टंकी निवासी मिथिलेश चौधरी का कहना है कि 7 जून 2021 को हम पश्चिम बंगाल सिलीगुड़ी स्थित मेडिकल कॉलेज से प्रतीम सिंह पुत्र जागन सिंह के शव को लेकर अपनी एंबुलेंस से पंजाब के मोगा शहर लेकर आए थे। हमारे मालिक ने मुझे व साथ में चल रहे उमापत राय से कहा था कि हमारे दो लोग बरनाला पंजाब बाईपास पर मिलेगे। जिन्हे तुम पंजाब से बंगाल अपने साथ लेकर आना। प्रीतम सिंह के शव को एंबुलेंस से उतारकर हम लोग वापस आने लगे,तो पंजाब बाईपास पर दो व्यक्ति राम सिंह और तपश मंडल मिले थे। जिनको बैठाने के बाद पश्चिम बंगाल से लेकर चल दिए थे। राम सिंह और तपश मंडल दोनों एक दूसरे को जानते थे। उसके बाद रात को हम लोग खाना खाने के लिए शहजादनगर स्थित एक ढाबे पर रुक गए थे। जहां राम सिंह और तपश मंडल ने पैसों को लेकर विवाद हो गया था। राम सिंह ने तपश मंडल के चाकू मारकर घायल कर दिया था। सूचना के बाद पुलिस मौके पर आ गई थी। उसके बाद घायल को अस्पताल भेजा था। जहां उसकी मौत हो गई थी। जबकि राम सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। जिसकी सुनवाई एडीजे तृतीय की कोर्ट में हो रही थी। एडीजीसी ओम प्रकाश लोधी ने बताया कि इस मामले में दोषी राम सिंह को आजीवन कारावास और 21 हजार का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।







