पूर्व कार्यवाहक सीएमो पर गंभीर आरोप, मुख्यमंत्री कार्यालय ने कार्रवाई के दिए निर्देश
जागरण मोर्चा कार्यालय
बदायूं। जिले के स्वास्थ्य विभाग में पूर्व कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मोहन झा के कार्यकाल को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ता अकरम मलिक ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में डॉ. झा पर अवैध उगाही, गैर-पंजीकृत अस्पतालों के संचालन को संरक्षण देने और पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। शिकायत का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले में जांच कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
शिकायत के मुताबिक, डॉ. मोहन झा ने करीब तीन माह के कार्यवाहक सीएमो के कार्यकाल के दौरान जिले में संचालित कई गैर-पंजीकृत अस्पतालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि इन अस्पतालों को कथित तौर पर संरक्षण दिया गया और उनसे नियमित रूप से अवैध वसूली की गई। शिकायतकर्ता ने एक आपराधिक मामले में नामजद महिला आरोपी से एक लाख रुपये लेकर उसे राहत दिलाने का प्रयास किए जाने का भी आरोप लगाया है।
इसके अलावा एक निजी अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को कार्रवाई के नाम पर सील किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि ओटी खोलने के लिए 30 हजार रुपये की मांग की गई। अस्पताल संचालक से 10 हजार रुपये लेने के बाद भी 20 हजार रुपये और मांगे गए। आरोप है कि ओटी को करीब दो महीने तक सील रखा गया, जिससे अस्पताल संचालक को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी हुई।
शिकायतकर्ता ने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के संयुक्त सचिव भास्कर चंद्र ने 17 जुलाई को महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को पत्र भेजा। पत्र में मामले की जांच कर नियमानुसार त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब स्वास्थ्य विभाग में मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश के बाद मामले की जांच और आगे की कार्रवाई को लेकर नजरें टिकी हैं। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।




