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एचपीसीएल हत्याकांड: आरोपी अजय के ताऊ की अवैध दुकानों पर नहीं चल सका बुलडोजर

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एचपीसीएल हत्याकांड: आरोपी अजय के ताऊ की अवैध दुकानों पर नहीं चल सका बुलडोजर

 

12 मार्च को एचपीसीएल प्लांट में दो अधिकारियों की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या की गई थी

यह टूटनी है,दुकाने

 

 

पीड़ित परिवार का आरोप—राजनीतिक संरक्षण के कारण कार्रवाई रुकी, मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग।

जागरण मोर्चा कार्यालय

 

बदायूं। 12 मार्च को दिनदहाड़े एचपीसीएल प्लांट में अधिकारी हर्षित मिश्रा और सुधीर गुप्ता की गोली मारकर की गई हत्या के मामले में अब एक नया विवाद सामने आया है। मामले के मुख्य आरोपी अजय के ताऊ की कथित अवैध दुकानों पर प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने को लेकर पीड़ित परिवार ने गंभीर सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संरक्षण मिलने के कारण अवैध निर्माण के खिलाफ प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई रोक दी गई, जबकि प्रशासन ने पहले कार्रवाई का संकेत दिया था।

 

पीड़ित परिवार का कहना है कि हत्या जैसी जघन्य वारदात के बाद यह उम्मीद थी कि आरोपी और उसके परिजनों से जुड़े अवैध निर्माणों के विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। उनका आरोप है कि प्रशासन ने पहले संबंधित दुकानों का निरीक्षण किया, लेकिन बाद में बुलडोजर कार्रवाई नहीं की गई। इससे पीड़ित परिवार में नाराजगी है और वे इसे कानून के समान अनुपालन के सिद्धांत के विपरीत मान रहे हैं।

 

परिजनों ने मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थना पत्र में निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया है या बिना अनुमति निर्माण कराया है, तो उसके विरुद्ध नियमों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे उसे किसी भी स्तर का संरक्षण प्राप्त हो। परिवार ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की है।

 

गौरतलब है कि 12 मार्च को एचपीसीएल प्लांट परिसर में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना में अधिकारी हर्षित मिश्रा और सुधीर गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी अजय सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। घटना के बाद कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई और मामले की विवेचना जारी है।

 

अब पीड़ित परिवार का कहना है कि केवल आपराधिक मुकदमे की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। यदि आरोपी पक्ष के लोगों द्वारा किसी प्रकार का अवैध निर्माण किया गया है तो उसके विरुद्ध भी निष्पक्ष रूप से कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन कठोर कदम उठाने से बच रहा है, जिससे न्याय प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

हालांकि, प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है कि संबंधित दुकानों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निर्माण के संबंध में कार्रवाई नियमानुसार जांच और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर ही की जाती है। यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित कानूनों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

 

इस बीच, पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, राजनीतिक प्रभाव से मुक्त होकर कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कदम उठाने की मांग की है। परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय तभी मिलेगा जब सभी संबंधित मामलों में बिना किसी भेदभाव के समान रूप से कानून का पालन कराया जाएगा।

 

वर्जन

 

आरोपी के ताऊ की तलाश पुलिस कर रही है। प्रशासन अवैध दुकानों को ढहाने के लिए विधिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जल्द ही दुकानों पर बुलडोजर की कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित पक्ष के साथ प्रशासन और पुलिस प्रशासन हर स्थिति में साथ है। किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। अवनीश राय, डीएम, बदायूं

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