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हत्यारोपी के ताऊ ले अवैध घर से तीन ट्रक चोरी का माल बरामद

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सैंजनी एचसीपील प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या का मामला

चोरी-गठजोड़ की परतें खुलीं आरोपी के फोटो वायरल

जागरण मोर्चा
बदायूं। जिले के मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैंजनी गांव स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के CBG प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड ने पूरे जिले में अफरातफरी का माहौल पैदा कर दिया है। 12 मार्च को प्लांट परिसर में मुख्य प्रबंधक (DGM) सुधीर गुप्ता (55) और सहायक प्रबंधक हर्षित मिश्रा (25) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद इलाके में दहशत और गुस्सा एक साथ दिखा। लोगों का कहना है कि आरोपियों के खौफ के चलते लंबे समय से कोई सिर उठाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था।

 

विवाद की जड़: सरिया-सीमेंट की चोरी
जांच में सामने आया कि प्लांट से सरिया और सीमेंट की चोरी का सिलसिला चल रहा था। प्रबंधन ने इस पर सख्ती दिखाई और अनुशासनात्मक कार्रवाई की। इसी कार्रवाई से नाराज़ एक बर्खास्त वेंडर ने परिसर में घुसकर दोनों अधिकारियों को निशाना बनाया। पुलिस ने मुख्य आरोपी *अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू को गिरफ़्तार किया है; मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगने की भी पुष्टि हुई है।

तीन ट्रक माल बरामद, ताऊ का नाम आया सामने
पुलिस और प्रशासन की छानबीन में आरोपी के परिवारिक नेटवर्क की परतें खुलीं। सूत्रों के मुताबिक आरोपी के ताऊ राकेश सिंह के घर/ठिकानों पर दबिश के दौरान तीन ट्रक सरिया-सीमेंट बरामद किया गया। बरामदगी के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि प्लांट से निकले माल को ठिकाने लगाने का एक संगठित ढांचा काम कर रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में आरोपियों की धाक ऐसी थी कि विरोध की आवाज़ें अक्सर दबा दी जाती थीं।

विरोध की कीमत’अफसरों को पड़ी भारी

स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से यह बात बार-बार सामने आई कि दोनों अधिकारियों ने चोरी और अनियमितताओं पर रोक लगाने की कोशिश की, और यही सख्ती उन्हें महंगी पड़ी। परिवार और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अगर समय रहते सुरक्षा और निगरानी के इंतज़ाम होते, तो यह खूनी वारदात टाली जा सकती थी।

घटना के बाद प्रशासन ने प्लांट से 85 कर्मचारियों को हटाने की कार्रवाई भी

सियासी-सामाजिक हलचल: तस्वीरें वायरल

वारदात के बाद सोशल मीडिया पर आरोपी अभय/अजय सिंह के साथ तत्कालीन सीओ और एक भाजपा युवा नेता की तस्वीरें लगातार वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों ने सियासी चर्चाओं को हवा दी—विपक्षी नेताओं और स्थानीय संगठनों ने ‘प्रभाव-गठजोड़’ के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी। पुलिस मुख्यालय ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसआईटी गठित की गई और लापरवाही के आरोप में कई पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया है।

इलाके में डर और आक्रोश
घटना के बाद से सैंजनी और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है, तो दूसरी ओर ग्रामीणों में आक्रोश भी। ग्रामीणों का कहना है कि ‘दबंगई’ के आगे आवाज़ उठाना मुश्किल था, लेकिन अब जब परतें खुल रही हैं तो प्रशासन को पूरे नेटवर्क को बेनकाब करना चाहिए। पुलिस का दावा है कि साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और बरामद माल की कड़ियों को जोड़कर चार्जशीट को मजबूत किया जाएगा।

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