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एचपीसीएल हत्याकांड के पांच आरोपियों पर आरोप तय

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एचपीसीएल हत्याकांड के पांच आरोपियों पर आरोप तय

-जिला जज विवेक संगल की अदालत में अजय, अभय, केशव संग पांचों आरोपियों पर तय किये आरोप

-जिला जज ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जेल में बंद आरोपियों पर लगाये चार्ज, अगली सुनवाई तीन को

-12 मार्च को एचपीसीएल के सीबीजी प्लांट में डीजीएम व डिटी मैनेजर की गोली मारकर कर दी थी हत्या

-मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह को पुलिस ने उसी रात हथियार बरामद करने के दौरान मुठभेड़ में पकड़ा

 

जागरण मोर्चा कार्यालय

बदायूं,। सैजनी स्थित एचपीसीएच के सीबीजी प्लांट में हुई डीजीएम सुधीर गुप्ता व डिप्टी मैनेजर हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या के मामले में हत्यारोपी व चार सहआरोपियों पर जिला जज विवेक संगल की कोर्ट ने आरोप तय कर दिये। कोर्ट ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हत्यारोपी अजय प्रताप सिंह सहित पांचों आरोपियों के विरुद्ध आरोप तय किये। इस मामले की अगली सुनवाई तीन अगस्त तय की गई है।
विदित हो 12 मार्च को एचपीसीएल के सैजनी स्थित सीबीजी प्लांट में हुये दोहरे हत्याकांड के 83वें दिन पुलिस ने अदालत में तीन जून को चार्जशीट दाखिल कर दी थी। करीब 200 से अधिक पन्नों की चार्जशीट में मुख्य आरोपी अजय प्रताप समेत पांच लोगों को नामजद किया था। पुलिस ने चार्जशीट में फोरेंसिक जांच, इलेक्ट्रानिक साक्ष्य, चश्मदीद गवाहों के बयान तथा पूर्व में दर्ज मामलों से जुड़े तथ्यों को शामिल करते हुये चार्जशीट दाखिल की थी।
दोहरे हत्याकांड में पुलिस जांच में सामने आया कि इस वारदात को सैजनी निवासी अजय प्रताप ने अंजाम दिया था। उसी रात हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस पर गोली चलाने के दौरान हुई मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार किया था। चार्जशीट में अजय प्रताप के सगे भाई केशव, ताऊ के बेटे अभय, बोलेरो चालक धर्मेंद्र और प्लांट कर्मचारी मुनेंद्र विक्रम को भी आरोपी बनाया गया है।
जांच में पाया गया कि अभय ने हथियार उपलब्ध कराए थे। धर्मेंद्र और मुनेंद्र ने वारदात को अंजाम देने में सहयोग किया। पुलिस का दावा था, सभी आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से घटना की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। जांच के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण इलेक्ट्रानिक साक्ष्य प्राप्त हुए। इनमें मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल डिटेल, डिजिटल संवाद और अन्य तकनीकी प्रमाण शामिल हैं। इसके अलावा घटना के पांच चश्मदीद गवाहों के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराए गए थे, जिन्हें चार्जशीट का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया था।
पुलिस की ओर से कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट के बाद इस मामले में नौ जुलाई को सीजेएम मोहम्मद तौसीफ रजा की कोर्ट ने हत्याकांड की चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए केस फाइल जमा कर ली। इसके बाद दोहरे हत्याकांड का केस कोर्ट के रिकॉर्ड में आ गया था।
आरोपी के अधिवक्ता सोमेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया, गुरुवार का जिला जज विवेक संगल की कोर्ट में इस मामले में आरोपियों पर आरोप (चार्ज ) तय किये गये। इस दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पांचों आरोपियों को तय किये गये आरोपों को एक एक करके सुनाया गया। इस मामले में आरोपियों ने अपनी बात कही। इसके बाद जिला जज ने तीन अगस्त को इस मामले में सुनवाई को तय किया।

नौकरी से निकालने व दबदबा को दिया वारदात को अंजाम
एचपीसीएल के सीबीजी और एथेनॉल प्लांट के डीजीएम नोएडा निवासी सुधीर कुमार गुप्ता और डिप्टी मैनेजर पीलीभीत निवासी हर्षित मिश्रा की प्लांट के मीटिंग रूम में घुसकर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह (उर्फ रामू) था, जो प्लांट में पहले वेंडर और ठेकेदार के रूप में काम करता था। खराब कार्य शैली और अवैध गतिविधियों के कारण उसे कार्य से निकाल दिया गया था। मुख्य आरोपी अजय नौकरी से निकाले जाने की रंजिश और प्लांट में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए अधिकारियों से नाराज था। जिसके चलते उसने हत्याकांड को अंजाम दिया।

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