एचपीसीएल हत्याकांड: मुख्य आरोपी के ताऊ की दुकानों पर कार्रवाई को लेकर फिर उठे सवाल
प्रशासन की लापरवाही का आरोपी के ताऊ को मिल सकता है स्टे का लाभ
पीड़ित परिजनों ने प्रशासन पर जानबूझकर लाभ पहुंचाने का लगाया आरोप
जागरण मोर्चा कार्यालय
बदायूं। बहुचर्चित एचपीसीएल हत्याकांड में अब तक प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मुख्य आरोपी के ताऊ की दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर हो रही देरी पर पीड़ित पक्ष ने नाराजगी जताई है। मृतक अधिकारी सुधीर गुप्ता के पिता ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों की संपत्तियों पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
गौरतलब है कि 12 मार्च को दिनदहाड़े एचपीसीएल प्लांट में घुसकर हमलावरों ने दो अधिकारियों, सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा, की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना से पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था। हालांकि, अब तक आरोपियों की संपत्तियों पर ठोस कार्रवाई न होने से परिजन आक्रोशित हैं।
परिजनों का आरोप है कि प्रशासन की ढिलाई के चलते मुख्य आरोपी के ताऊ की लगभग 27 दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई अब तक नहीं हो सकी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो आरोपी कोर्ट से स्टे लेकर बच सकते हैं, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित होगी।
मृतक सुधीर गुप्ता के पिता ने कहा कि उनका परिवार लगातार प्रशासन से गुहार लगा रहा है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल, पीड़ित परिवार की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।





