गांव की गंदगी का वीडियो फेसबुक पर डालना पड़ा भारी, एससी-एसटी एक्ट में फंसाने का आरोप
मारपीट की घटना के समय थाने में मौजूद थे नामजद आरोपी, सीसीटीवी फुटेज से निष्पक्ष जांच की मांग
जागरण मोर्चा कार्यालय
बदायूं। गांव की गंदगी का वीडियो बनाकर फेसबुक पर पोस्ट करना एक युवक को भारी पड़ गया। अब उसके भाई समेत अन्य लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। पीड़ित पक्ष ने मुकदमे को झूठा बताते हुए सत्ताधारी नेता के दबाव में कार्रवाई कराने का आरोप लगाया है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसएसपी से शिकायत की गई है। आरोप लगाया है कि दातागंज विधानसभा क्षेत्र में लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
ग्राम रोहरी निवासी हरिओम ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 30 अगस्त को सुबह करीब 10:30 बजे गांव में अजयपाल, हरीश और रामआसरे ने सत्यपाल के घर पर चढ़कर मारपीट की थी। घटना के संबंध में दोनों पक्षों की ओर से थाना दातागंज में मुकदमे दर्ज हुए थे। पुलिस ने दोपहर करीब 12 बजे घायलों के चिकित्सीय परीक्षण के लिए कागजात तैयार किए थे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी विवाद में दबाव बनाने के उद्देश्य से प्रदीप कुमार ने 30 अगस्त को दोपहर 1:30 बजे की घटना दर्शाते हुए उसके भाई विनय यादव उर्फ सोनू समेत तीन अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। आरोप है कि मुकदमे में नामजद मनोज यादव और विनय यादव घटना बताए गए समय थाने में मौजूद थे।
पीड़ित ने दावा किया कि थाना दातागंज के सीसीटीवी कैमरों में उनकी मौजूदगी दर्ज है। उसने एसएसपी से 30 अगस्त की सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोगों की मोबाइल सीडीआर के आधार पर विवेचना कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने निष्पक्ष जांच से वास्तविक तथ्यों के सामने आने और झूठा मुकदमा दर्ज कराने वालों पर कार्रवाई की उम्मीद जताई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि दातागंज क्षेत्र में एक सत्ताधारी नेता के सारे पर पुलिस कार्रवाई करती है पीड़ितों को यहां न्याय नहीं मिल पा रहा है।
वर्जन
पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। निर्दोषों पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। जो भी दोषी होगा उसको छोड़ा नहीं जाएगा। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी- अभिषेक सिंह, एसपी सिटी,बदायूं





