जमानत पर आए बर्खास्त कर्मचारी ने लगाया मौत को गले
मृतक का फाइल फोटो व घटनास्थल पर लगी भीड़
जागरण मोर्चा कार्यालय
बीसलपुर – बीसलपुर नगर पालिका के एक बर्खास्त कर्मचारी ने मानसिक तनाव के चलते फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान उपेंद्र शंखधार के रूप में हुई है, जो करीब आठ महीने पहले उजागर हुए एक बड़े टैक्स घोटाले में आरोपी थे। हाल ही में वह हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आए थे।
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम लगभग 5 बजे उपेंद्र ने अपने कमरे में फांसी लगा ली। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आस-पास के लोग इकट्ठा हो गए और तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को फंदे से उतारकर कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
यह था पूरा मामला:
बीसलपुर नगर पालिका में टैक्स घोटाले का मामला तब प्रकाश में आया था, जब कई नगरवासियों ने शिकायत की कि उन्होंने अपना टैक्स जमा कर दिया है, लेकिन संबंधित कर्मचारियों ने उन्हें रसीद नहीं दी। जांच में पता चला कि जमा किया गया पैसा सरकारी खाते में दर्ज ही नहीं किया गया था। विभागीय जांच के बाद उपेंद्र शंखधार सहित पांच कर्मचारियों को दोषी पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया और बीसलपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।
तनाव में थे उपेंद्र:
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। करीब ढाई महीने जेल में बिताने के बाद हाल ही में हाईकोर्ट से उपेंद्र को जमानत मिली थी। परिजनों और पड़ोसियों के मुताबिक, अचानक नौकरी चले जाने, समाज में हुई बदनामी और कानूनी पचड़ों के कारण उपेंद्र पिछले काफी समय से गहरे मानसिक तनाव से जूझ रहे थे। इसी मानसिक परेशानी के कारण उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।
बीसलपुर थाना अध्यक्ष संजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला अवसाद के कारण आत्महत्या का लग रहा है। पुलिस हर पहलू से मामले की बारीकी से जांच कर रही है। मौत के सटीक कारणों को स्पष्ट करने के लिए परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।






