पेपर लीक के विरोध में शक्तिफार्म में युवाओं का प्रदर्शन
सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर जताया आक्रोश, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
जागरण मोर्चा कार्यालय
सितारगंज। नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक और कथित अनियमितताओं के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना दे रहे इंजीनियर, शिक्षाविद एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा धरना स्थल से हटाए जाने के विरोध में रविवार शाम शक्तिफार्म के सुभाष चौक पर युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। छात्र-युवाओं ने सांकेतिक धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की।
प्रदर्शन का नेतृत्व छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष मिथुन पहाड़ ने किया। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता के लिए आवाज उठा रहे हैं। ऐसे व्यक्ति को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन से हटाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं माना जा सकता।
मिथुन पहाड़ ने कहा कि नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा देने वाले छात्रों का विश्वास तब टूटता है जब परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे राजनीतिक विचारधाराओं से ऊपर उठकर शिक्षा और छात्रों के भविष्य जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज बुलंद करें।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के बावजूद सरकार जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई तो युवाओं का विश्वास पूरी व्यवस्था से उठ जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान राकेश ढाली, पवन मंडल, प्रियांशु मंडल, राजदास, प्रेम सरकार, विशाल मंडल, सुब्रत और अर्जुन मल्लिक सहित बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे। सभी ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।




