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सफायर नाइट क्लब का असली चेहरा आया सामने…….तीन हजार की इंट्री फीस, रहीशजादे लाखों लुटा बैठे

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सफायर नाइट क्लब का असली चेहरा आया सामने…….तीन हजार की इंट्री फीस, रहीशजादे लाखों लुटा बैठे

शहर बदायूं के सिटी मॉल में संचालित हुआ था नाइट क्लब, वीडियो वायरल होने के बाद से जांच हुई है शुरू

वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन की जांच तेज, सिटी मजिस्ट्रेट ने दर्ज किए कई लोगों के बयान

जागरण मोर्चा कार्यालय

बदायूं। शहर के सिटी मॉल में संचालित रहे सफायर नाइट क्लब का कथित असली चेहरा एक वायरल वीडियो के बाद सामने आने लगा है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच की जिम्मेदारी सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है, जो क्लब के संचालन, गतिविधियों और नियमों के पालन की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं। अब तक कई संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।

अब तक सामने आया है कि क्लब में प्रवेश के लिए प्रति व्यक्ति करीब तीन हजार रुपये की एंट्री फीस ली जाती थी। आरोप है कि यहां देर रात तक आयोजित होने वाली पार्टियों में बड़ी संख्या में संपन्न परिवारों के युवक शामिल होते थे और मनोरंजन के नाम पर लाखों रुपये रहीशजादे डांस पर लुटाने का काम कर रहे थे। वायरल वीडियो में कथित तौर पर बार डांसरों के डांस, तेज संगीत और कॉकटेल पार्टी का आयोजन दिखाई दे रहा है। इसी वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।

सूत्रों के अनुसार, जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि क्लब का संचालन निर्धारित नियमों और लाइसेंस की शर्तों के अनुरूप किया जा रहा था या नहीं। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि क्लब में परोसी जा रही शराब, मनोरंजन कार्यक्रम और देर रात तक गतिविधियों के लिए आवश्यक प्रशासनिक अनुमति प्राप्त थी या नहीं। यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित संचालक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच के दौरान क्लब प्रबंधन से आवश्यक अभिलेख, लाइसेंस और अन्य दस्तावेज भी तलब किए हैं। इसके साथ ही वायरल वीडियो की सत्यता की भी जांच कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो के आधार पर ही कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा, बल्कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद ही अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

मामले के सामने आने के बाद शहर में इस क्लब की गतिविधियों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान में नियमों की अनदेखी कर आपत्तिजनक या अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं तो उस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर की जा रही है। जिन लोगों के बयान आवश्यक हैं, उन्हें बुलाकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही क्लब से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जा रहा है।

फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि जांच में लाइसेंस संबंधी अनियमितता, नियमों का उल्लंघन अथवा किसी अन्य प्रकार की अवैध गतिविधि की पुष्टि होती है तो क्लब संचालक के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का वास्तविक स्वरूप स्पष्ट हो सकेगा।

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