योग की अलख से जागा स्वास्थ्य का विश्वास, पांच दिवसीय साधना शिविर का प्रेरक समापन
योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार और स्वस्थ समाज की आधारशिला- सीए संजय अग्रवाल
मुख्य अतिथि सभ्यता देवी वर्मा ने किया योग अपनाने का आह्वान
जागरण मोर्चा कार्यालय
पीलीभीत। शहर के सेलिब्रेशन बैंक्विट हॉल में भारतीय योग संस्थान समिति द्वारा आयोजित पांच दिवसीय योग साधना एवं स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का रविवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। पांच दिनों तक अनुशासन, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक चेतना से सराबोर रहे इस आयोजन के अंतिम दिन बड़ी संख्या में योग साधकों ने सामूहिक योगाभ्यास करते हुए आजीवन योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। समापन समारोह में मरौरी ब्लॉक प्रमुख सभ्यता देवी वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। संस्था के पदाधिकारियों ने पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया।
समारोह को संबोधित करते हुए सभ्यता देवी वर्मा ने कहा कि भारत ने विश्व को योग जैसी अमूल्य जीवन-पद्धति प्रदान की है, जो केवल शरीर को ही नहीं बल्कि मन और आत्मा को भी संतुलित करती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ और तनाव के दौर में योग प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक हो गया है। यदि प्रतिदिन कुछ समय योग और प्राणायाम को दिया जाए तो अनेक बीमारियों से बचाव संभव है और जीवन में नई ऊर्जा तथा आत्मविश्वास का संचार होता है।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट संजय अग्रवाल ने अपने प्रेरक विचार साझा करते हुए कहा कि जीवन का वास्तविक सुख केवल प्राप्त करने में नहीं, बल्कि समाज के लिए कुछ करने और दूसरों को आगे बढ़ाने में है। उन्होंने कहा कि भारतीय योग संस्थान वर्षों से निस्वार्थ सेवा की भावना के साथ लोगों को स्वास्थ्य, संस्कार और मानवता का संदेश दे रहा है। योग व्यक्ति के भीतर सकारात्मक सोच, आत्मसंयम और सेवा का भाव विकसित करता है, जिससे एक बेहतर परिवार और सशक्त समाज का निर्माण होता है।
उन्होंने कहा कि योग को केवल कुछ दिनों के शिविर तक सीमित रखना उसके उद्देश्य के साथ न्याय नहीं होगा। आवश्यकता इस बात की है कि प्रत्येक व्यक्ति इसे अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करे और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करे। नियमित योगाभ्यास से न केवल शारीरिक क्षमता बढ़ती है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है और जीवन अधिक संतुलित बनता है।
पांच दिवसीय इस शिविर में महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भागीदारी निभाई। प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान, श्वास-प्रश्वास की वैज्ञानिक तकनीकों तथा प्राकृतिक जीवनशैली से जुड़े व्यावहारिक उपायों का प्रशिक्षण दिया। साथ ही यह भी बताया गया कि नियमित योग मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, अनिद्रा और तनाव जैसी जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं की रोकथाम में प्रभावी भूमिका निभा सकता है।
समापन अवसर पर उपस्थित सभी साधकों ने सामूहिक रूप से स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवन जीने का संकल्प दोहराते हुए “करो योग, रहो निरोग” का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। इस दौरान मुख्य अतिथि का स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया। साथ ही योग प्रशिक्षकों, सहयोगियों और आयोजन को सफल बनाने वाले सभी कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया गया।
आयोजकों ने बताया कि भारतीय योग संस्थान समिति भविष्य में भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे निःशुल्क योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित करती रहेगी, ताकि अधिक से अधिक लोग योग से जुड़कर स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन की ओर अग्रसर हो सकें।





