कुर्सी का घमंड नहीं हो रहा दूर, सत्ता के मद में जनप्रतिनिधि हैं चूर
टिकट वितरण और कार्यशैली पर उठे सवाल, बदायूं में भाजपा की साख पर संकट
जागरण मोर्चा कार्यालय
देवेश मिश्रा
बदायूं। जिले में भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली और संगठनात्मक निर्णयों को लेकर विपक्षी दलों ने तीखा हमला बोला है। आरोप लगाया गया है कि पार्टी के जनप्रतिनिधि सत्ता के मद में चूर होकर जनता की समस्याओं से दूर हो गए हैं। वक्ताओं ने कहा कि कुर्सी का घमंड अब भी नेताओं के सिर चढ़कर बोल रहा है, जिससे आम जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि बदायूं में भाजपा के कुछ प्रतिनिधियों ने भ्रष्टाचार और मनमानी का माहौल बना रखा है। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी ने आगामी चुनावों में मठाधीशों के टिकट नहीं काटे तो हालात बिहार उपचुनाव जैसे हो सकते हैं, जहां जनता ने सत्ताधारी दल को सबक सिखाया था।
नगर पंचायत अलापुर का उदाहरण देते हुए विपक्ष ने दावा किया कि वहां विकास कार्यों और पारदर्शिता के कारण जनता का विश्वास बढ़ा है, जबकि जिले के अन्य क्षेत्रों में हालात इसके विपरीत हैं। उनका कहना है कि यदि इसी तरह स्थिति बनी रही तो भाजपा को आगामी चुनावों में नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि जिले में पार्टी की साख लगातार गिर रही है और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। इससे संगठन कमजोर हो रहा है और जनता का भरोसा भी कम हो रहा है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो चुनाव जीतना भाजपा के लिए कठिन हो जाएगा।
हालांकि, भाजपा के स्थानीय पदाधिकारियों ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पार्टी विकास कार्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जनता का समर्थन उनके साथ है।




