हत्या के आरोपी को बचाने के लिए तमंचे में भेजा था जेल, सांठगांठ करने वाले दो दरोगा निलंबित
बिनावर थाना प्रभारी को एसएसपी ने कर दिया था लाइन हाजिर
जेल भेजने वाले एसआई बलवीर सिंह पहले ही हो चुके हैं निलंबित
एसएसपी की कार्रवाई से पुलिस प्रशासन में मचा हड़कंप
जागरण मोर्चा कार्यालय
बदायूं। हत्या के एक आरोपी को बचाने के लिए पुलिस कर्मियों की आपसी सांठगांठ का मामला सामने आने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने कड़ी कार्रवाई की है। जांच में दोषी पाए जाने पर दो दरोगाओं को निलंबित कर दिया गया है, जबकि इससे पहले भी एक उपनिरीक्षक निलंबित हो चुका है और संबंधित थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर किया गया था। पूरे मामले ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, जनपद गाजियाबाद के थाना लोनी में दर्ज हत्या के एक मुकदमे में वांछित आरोपी की गिरफ्तारी थाना बिनावर पुलिस द्वारा दिखाई गई थी। इस गिरफ्तारी को लेकर संदेह उत्पन्न होने पर मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक (नगर)को सौंपी गई थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी को वास्तविक हत्या के मुकदमे में न भेजकर तमंचा बरामदगी के एक अन्य मुकदमे में जेल भेज दिया गया।
प्राथमिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर तत्काल प्रभाव से थाना बिनावर में तैनात उपनिरीक्षक बलवीर सिंह को निलंबित कर दिया गया था। साथ ही प्रभारी निरीक्षक अरिहंत कुमार सिद्धार्थ को भी लाइन हाजिर किया गया था। इसके बाद मामले की विस्तृत जांच अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को सौंपी गई।
विस्तृत जांच में और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि थाना फैजगंज बेहटा में तैनात वरिष्ठ उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार और थाना मूसाझाग में तैनात उपनिरीक्षक राजकुमार सिंह ने आपसी सांठगांठ कर आरोपी को बचाने की साजिश रची थी। आरोप है कि एसएसआई नरेंद्र कुमार ने मूसाझाग थाने के दरोगा राजकुमार सिंह से मिलकर पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया और आरोपी को हत्या के मामले से बचाने के लिए दूसरे मुकदमे में बिनावर पुलिस से जेल भिजवा दिया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों दरोगाओं को दोषी पाया गया, जिसके बाद एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे प्रकरण में विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही और भ्रष्ट आचरण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे और भी कार्रवाई हो सकती है। वहीं, वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून से खिलवाड़ करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि आम जनता का भरोसा पुलिस पर बना रहे।
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल जरूर खड़े किए हैं, लेकिन साथ ही यह भी संकेत दिया है कि उच्चाधिकारियों द्वारा निगरानी और जांच के जरिए दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।





