पहले प्रशासन ने दी अनुमति, फिर कर दिया मना, कार्यक्रम की भीड़ को देखकर विरोधियों के उड़ गए होश
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जिला अध्यक्ष रहे अजीत सिंह यादव ने दिखाया अपना दमखम
दातागंज विधानसभा प्रत्याशी व जिलाध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार हैं अजीत सिंह यादव
प्रशासन से अनुमति को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल, अजीत यादव बोले- पक्षपात लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक
जागरण मोर्चा कार्यालय
बदायूं। दातागंज विधानसभा क्षेत्र के हजरतपुर में बुधवार को कांग्रेस की ओर से संविधान बचाओ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सीतापुर के सांसद राकेश राठौर मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं जिलाध्यक्ष रहे अजीत सिंह यादव ने बताया कि संवाद के दौरान दातागंज क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण जनमुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है।
अजीत सिंह यादव के मुताबिक, संविधान बचाओ संवाद का उद्देश्य केवल राजनीतिक चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। इनमें दातागंज विधानसभा क्षेत्र को बाढ़ की समस्या से स्थायी रूप से मुक्त कराने, मानपुर से सिमरिया तक तथा रुकुमपुर से भाऊ नगला तक बांध और तटबंध बनाए जाने की मांग प्रमुख है। इसके अलावा हजरतपुर मुख्य मार्ग को जलभराव की समस्या से निजात दिलाकर उसका पुनर्निर्माण कराने का मुद्दा भी कार्यक्रम में उठाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाने के लिए सरकारी डिग्री कॉलेज और छात्राओं के लिए महिला इंटर कॉलेज की स्थापना की मांग भी रखी गई । वहीं, दातागंज क्षेत्र में चीनी मिल स्थापित किए जाने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इन मांगों का सीधा संबंध क्षेत्र के विकास, रोजगार और किसानों की समस्याओं से है।
कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक अनुमति के मुद्दे पर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। अजीत यादव ने बताया कि कार्यक्रम की अनुमति के लिए उपजिलाधिकारी को अनुमति पत्र भेजा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले प्रशासन की ओर से अनुमति दिए जाने की बात कही गई, लेकिन बाद में कार्यक्रम को लेकर आपत्ति जताई गई। उन्होंने इसे सत्ता के दबाव में प्रशासन के काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रमों को रोकने का प्रयास किया जाता है, जबकि भाजपा के कार्यक्रमों के लिए प्रशासन की ओर से खुली छूट दी जाती है।
अजीत यादव ने प्रशासन से राजनीतिक कार्यक्रमों के मामले में समान व्यवहार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रशासन को पक्षपातपूर्ण रवैया छोड़कर सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर देना चाहिए। उनके अनुसार, लोकतंत्र में किसी भी दल के कार्यक्रम के साथ भेदभाव किया जाना उचित नहीं है और इस तरह का पक्षपात लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए नुकसानदायक है।
कांग्रेस के संविधान बचाओ संवाद को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। अजीत सिंह यादव लंबे समय से दातागंज विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय हैं और संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। पार्टी के भीतर उन्हें दातागंज विधानसभा क्षेत्र से संभावित प्रत्याशी तथा कांग्रेस जिलाध्यक्ष पद के प्रबल दावेदारों में भी माना जा रहा है। ऐसे में हजरतपुर में होने वाले कार्यक्रम को उनके राजनीतिक प्रभाव और संगठन में सक्रियता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचें। संवाद कार्यक्रम हजरतपुर में म्याऊं रोड पर दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ। इसमें क्षेत्र की समस्याओं, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। सीतापुर सांसद राकेश राठौर मुख्य वक्ता के रूप में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित किया ।
कार्यक्रम के माध्यम से कांग्रेस क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर प्रशासन और सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति पर आगे बढ़ती नजर आ रही है। खासतौर पर बाढ़, बांध-तटबंध, सड़क, शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर पार्टी ग्रामीण मतदाताओं के बीच अपनी सक्रियता बढ़ाने का प्रयास कर रही है। संवाद में इन मुद्दों पर सांसद राकेश राठौर और स्थानीय कांग्रेस नेताओं के रुख पर क्षेत्र के लोगों की भी नजर रही।





