राज्यसभा चुनाव: ब्रज क्षेत्र में चार दिग्गजों के बीच फंसा पेंच
कश्यप समाज को साधने के लिए दिल्ली में नए नाम पर मंथन, धर्मेंद्र कश्यप का नाम चर्चा में
जागरण मोर्चा कार्यालय
बदायूं। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को होने वाले चुनाव को लेकर भाजपा में प्रत्याशियों के नाम पर मंथन तेज हो गया है। पार्टी ने राज्यसभा के लिए आठ नामांकन पत्र खरीदे हैं और संभावित नामों का पैनल तैयार कर दिल्ली भेजे जाने की तैयारी है। ऐसे में ब्रज क्षेत्र से राज्यसभा भेजे जाने वाले चेहरे को लेकर भी राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।
ब्रज क्षेत्र से अब तक केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय शाक्य और पूर्व सांसद राजवीर सिंह राजू के नाम प्रमुखता से चर्चा में रहे हैं। अब इसी कड़ी में बदायूं के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप का नाम भी सामने आने की चर्चा है। राजनीतिक हलकों में इसे कश्यप समाज को प्रतिनिधित्व देने की संभावित कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि भाजपा की ओर से अभी किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
लोधी समाज को क्षेत्रीय अध्यक्ष पद मिलने से बदला समीकरण
ब्रज क्षेत्र में हाल ही में संगठनात्मक फेरबदल के बाद राज्यसभा के संभावित नामों के समीकरण भी बदलते नजर आ रहे हैं। लोधी समाज को ब्रज क्षेत्र के संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद बीएल वर्मा के नाम को लेकर पहले जैसी स्थिति नहीं मानी जा रही है। भाजपा पहले ही विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच प्रतिनिधित्व का संतुलन साधने की कवायद में जुटी है। राज्यसभा चुनाव को लेकर सामने आई रिपोर्टों में भी पार्टी द्वारा अलग-अलग सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखने की बात कही गई है।
वहीं दुर्विजय शाक्य पहले ब्रज क्षेत्र के संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। अब प्रदेश संगठन में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी होने के कारण उनके नाम को लेकर भी अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। भाजपा के लिए शाक्य समाज का प्रतिनिधित्व भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यही वजह है कि ब्रज क्षेत्र से शाक्य चेहरे के रूप में दुर्विजय शाक्य का नाम चर्चा में बना हुआ है।
राजवीर सिंह राजू भी दावेदारों में
पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पुत्र राजवीर सिंह राजू का नाम भी राज्यसभा की संभावित सूची में चर्चा में है। भाजपा के सामने लोधी समाज के साथ-साथ क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाए रखने की चुनौती है। ऐसे में उनके नाम पर भी पार्टी के भीतर चर्चा होने की बात सामने आई है। हालिया मीडिया रिपोर्टों में बीएल वर्मा का टिकट न होने की स्थिति में राजवीर सिंह राजू के नाम की संभावना का उल्लेख किया गया है।
कश्यप समाज की हिस्सेदारी पर नजर
इसी बीच पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप का नाम चर्चा में आने से ब्रज क्षेत्र के राजनीतिक समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं। कश्यप समाज की ओर से लंबे समय से राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग और सक्रियता को देखते हुए भाजपा इस वर्ग को साधने के लिए कोई फैसला ले सकती है। पार्टी की ओर से अभी धर्मेंद्र कश्यप के नाम की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दिल्ली में संभावित नामों पर चल रहे मंथन के बीच उनका नाम चर्चा में आने से बदायूं और आसपास के राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है।
भाजपा के लिए यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्यसभा चुनाव के बाद अगले वर्ष उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने हैं। पार्टी संगठन और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए प्रत्याशियों के चयन की कवायद कर रही है। उत्तर प्रदेश की 10 सीटों के लिए नामांकन की अंतिम तारीख छह अक्टूबर, जांच सात अक्टूबर और नाम वापसी नौ अक्टूबर है। मतदान और मतगणना 16 अक्टूबर को होगी।
फिलहाल ब्रज क्षेत्र में बीएल वर्मा, दुर्विजय शाक्य, राजवीर सिंह राजू और धर्मेंद्र कश्यप के नामों को लेकर चर्चा है। अंतिम फैसला भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। ऐसे में दिल्ली से आने वाली सूची ही तय करेगी कि ब्रज क्षेत्र को एक बार फिर राज्यसभा में प्रतिनिधित्व किस चेहरे के माध्यम से मिलता है।








