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कानपुर में काम दिलाने के बहाने से कश्मीर में ले जाकर छह बच्चों को बनाया बंधक। आरोपियों के चंगुल से छूटकर तीन बच्चे घर भाग आए।

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कानपुर में काम दिलाने के बहाने से कश्मीर में ले जाकर छह बच्चों को बनाया बंधक।

आरोपियों के चंगुल से छूटकर तीन बच्चे घर भाग आए।

पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने किया मुकदमा कायम।

शेष तीन को कश्मीर से लाने के लिए पुलिस टीम गठित।

जागरण मोर्चा कार्यालय

बीसलपुर–कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नवदिया सितारगंज निवासी दो ग्रामीण एक परिवार के छह बच्चों को काम दिलाने के बहाने से कानपुर ले जाने के बहाने से उन्हें कश्मीर ले गए। वहां उन्हें बंधक बनाकर भूखा प्यासा रखकर उन्हें यातनाएं दी। मौका पाकर तीन बच्चे उनके चंगुल से छूटकर घर भाग आए जबकि तीन बच्चे अभी भी वहीं फंसे हुए हैं। घटना की प्राथमिकी बच्चों की मां ने कोतवाली में दोनों ग्रामीणों के विरुद्ध पंजीकृत कराई है।
कोतवाली में पंजीकृत कराई गई प्राथमिकी में नगर के मोहल्ला ग्यासपुर वार्ड नंबर 11 निवासी साबिर की पत्नी रूबी ने आरोप लगाते हुए कहां है। कि माह अप्रैल 026 को शाम 5:30 बजे गांव के ही आरिफ पुत्र इसरार उर्फ वेहरान तथा आसिफ पुत्र तालिब महिला के घर पर आए इसके बाद उन्होंने उसके पुत्र नाबालिक मुन्ना 9 वर्ष, आमीन 17 वर्ष, हुसनैन 18 वर्ष रानू 19 वर्ष तथा सानू 20 वर्ष पुत्रगण साबिर तथा एक अन्य को काम दिलाने के बहाने कानपुर ले जाने का बहाना बनाकर अपने साथ ले गए। लेकिन धोखे से वह उन्हें कानपुर न ले जाकर कश्मीर ले जाकर उन्हें बंधक बना लिया। 9 जून 2026 को जब रूबी ने अपने बेटे सानू से फोन पर बात की तो उसने रोते हुए बताया कि उन्हें बंधक बनाकर कश्मीर में रखा है। और भूखा प्यासा रखकर यातनाएं दी जा रही है। जब पीड़िता ने इस संबंध में आरोपी आरिफ से बात की तो उसने महिला को गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी, परेशान होकर पीड़िता ने 15 जून को कोतवाली पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने आरिफ आसिव को कोतवाली बुलाकर उन्हें तत्काल बच्चों को बुलाकर उनके घर पहुंचने की चेतावनी दी अन्यथा की स्थिति में उनके विरुद्ध कार्रवाई करने की भी बात कही। इस बात से गुस्साए दोनों ग्रामीणों ने कश्मीर पहुंचकर बच्चों के साथ जमकर मारपीट की। और एक कमरे में बंद कर दिया। तथा उन्हें अमानवीय यातनाएं भी देने लगे। इसी दौरान मौका पाकर मुन्ना, आमीन व इश्तियाक मौका पाकर उनके चंगुल से छूट कर वहां से घर भाग आए। किंतु अभी भी आसिव व आरिफ के चंगुल में पीड़िता के दो बच्चे वह एक अन्य कैद में है। मां का कहना है। कि कहीं उक्त ग्रामीण बच्चों की हत्या न कर दें। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि बच्चों को सकुशल लाने के लिए पुलिस टीम तैयार कर दी गई है जो शीघ्र पहुंचकर अपने काम को अंजाम देंगी।

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