सात दिन बीत गए, लेकिन गिरफ्तारी नहीं! उपेंद्र शंखधार प्रकरण में ब्राह्मण महासभा ने प्रशासन को घेरा
डीएम-एसपी को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच, नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की उठाई मांग
उपेंद्र शंखधार प्रकरण में कार्रवाई की मांग को लेकर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष आनंद मिश्रा एडवोकेट एवं अन्य पदाधिकारी।
जागरण मोर्चा ब्यूरो,
पीलीभीत। बीसलपुर नगर पालिका परिषद के कर्मचारी उपेंद्र शंखधार की मौत का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से अब सामाजिक संगठनों का आक्रोश भी खुलकर सामने आने लगा है। मंगलवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा, पीलीभीत ने इस मामले में सक्रिय हस्तक्षेप करते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा तथा पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष विवेचना की मांग की।
महासभा के जिलाध्यक्ष आनंद मिश्रा एडवोकेट के नेतृत्व में अधिवक्ताओं, पदाधिकारियों और समाज के गणमान्य लोगों का प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से कहा कि घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी अब तक नामजद आरोपियों के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे पीड़ित परिवार में निराशा है और आमजन के बीच भी कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
ज्ञापन में कहा गया कि 13 जुलाई 2026 को हुई उपेंद्र शंखधार की मौत के मामले में बीसलपुर थाने में एफआईआर दर्ज है, जिसमें नगर पालिका से जुड़े कुछ अधिकारियों एवं अन्य व्यक्तियों को नामजद किया गया है। संगठन का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी यदि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो इससे कानून के समान अनुपालन पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं।
महासभा ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की जांच पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध तरीके से कराई जाए। संगठन का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के राजनीतिक, प्रशासनिक अथवा सामाजिक प्रभाव को जांच में आड़े नहीं आने दिया जाना चाहिए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन में मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई। महासभा का कहना है कि न्याय मिलने में होने वाली देरी पीड़ित परिवार की पीड़ा को और बढ़ा रही है, इसलिए प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ त्वरित कदम उठाने चाहिए।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष आनंद मिश्रा एडवोकेट ने कहा कि ब्राह्मण समाज न्याय की इस लड़ाई में मृतक परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने पर विचार करेगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन पर जिला महामंत्री महेंद्र मिश्रा के भी हस्ताक्षर रहे। इस दौरान महासभा से जुड़े अधिवक्ता, पदाधिकारी और समाज के अनेक वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे तथा सभी ने एक स्वर में दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की मांग की।
उपेंद्र शंखधार की मौत का मामला अब केवल पुलिस विवेचना तक सीमित नहीं रह गया है। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न समाजों की लगातार बढ़ती सक्रियता के कारण यह जिला स्तर का प्रमुख मुद्दा बन चुका है। ऐसे में अब सभी की निगाहें प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।





