गेहूं क्रय केंद्रों पर उपजिलाधिकारी का निरीक्षण
किसान नेता की गिरफ्तारी के बाद अफसर हुए गंभीर
जागरण मोर्चा कार्यालय
पूरनपुर। किसान नेता की डीएम को धमकी के मामले में हुई गिरफ्तारी के बाद अफसर और गंभीर हो गए हैं। उपजिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार के साथ गेहूँ क्रय केन्द्र का निरीक्षण कर किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी।
खराब मौसम की मार झेल रहे किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम मिल सके इसके लिए उप जिला अधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने नायाब तहसीलदार ऋषि दीक्षित के साथ गेहूं क्रय केंद्र पर निरीक्षण किया और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त न करने की चेतावनी देते हुए पूरी जांच पड़ताल की। आरएफसी के डिप्टी आरएमओ प्रदीप शुक्ला को बुलाकर ज़रूरी निर्देश दिए। टोटल 22 केन्द्रों में 10 सेंटर आईएफसी के ही लगे हैं। पीसीएफ़ और यूपीएसएस के सेंटर्स का भी निरीक्षण किया गया। नेफर्ड का कोई सेंटर इंचार्ज मौके पर नहीं मिला। ग्राम देवीपुर के एक किसान संजीव कुमार ने शिकायत की कि दो दिनों से यहां आया है लेकिन सेंटर इंचार्ज नहीं आये। एसडीएम ने डिप्टी आरएमओ से इसे संजीदगी से लेने और कार्रवाई करने को कहा। इसके इलावा सेंटर इचांर्ज की टेबल या बैनर न लगे होने से भी एसडीएम ने नाराजगी जताई। कुछ किसान मंडी में अपना गेहूं सेंटर पर छोड़कर दो दिनों से गायब हो गए थे जिस पर उप जिला अधिकारी ने मंडी सचिव से गेहूं ज़ब्त कर लेने की चेतावनी देने को कहा। फिलहाल प्रशासन अपनी तरफ से गेहूं खरीद को लेकर किसी भी प्रकार की होने वाली अनियमितता से निपटने की तैयारी कर चुका है इससे पूर्व किसान नेता बलजिंदर सिंह की गिरफ्तारी को लेकर भी प्रशासन अलर्ट पर है और किसी तरह की कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता है अब देखना यह है कि किसानों को इन क्रय केंद्रों पर अपने गेहूं का वाजिब दाम मिल पाता है या नहीं? इधर मौसम ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है पहले से ही खेतों में गेहूं की मात्रा कम निकलना बताया जा रहा वही बेमौसम बारिश ने गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है।






