धार्मिक स्थलों व तालाबों का नहीं हुआ सौंदर्यकरण, अलापुर में रोष
20 करोड़ की योजना कागजों में सिमटी, टेंडर न होने से काम ठप
जागरण मोर्चा कार्यालय
बदायूं।
नगर पंचायत अलापुर क्षेत्र में धार्मिक स्थलों एवं तालाबों के सौंदर्यकरण के लिए शासन द्वारा स्वीकृत 20 करोड़ रुपये से अधिक की कार्य योजना अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। योजना पास होने के बावजूद टेंडर प्रक्रिया शुरू न होने से क्षेत्रीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि ईओ त्रिवेंद्र कुमार की लापरवाही के चलते महत्वपूर्ण विकास कार्यों में अनावश्यक देरी हो रही है। इससे न केवल क्षेत्र के धार्मिक स्थलों की स्थिति जस की तस बनी हुई है, बल्कि तालाबों की साफ-सफाई और सुंदरीकरण का कार्य भी अधूरा पड़ा है। बरसात के मौसम में तालाबों की दुर्दशा और अधिक बढ़ गई है, जिससे आसपास के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि शासन द्वारा करोड़ों रुपये की योजना स्वीकृत होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। टेंडर प्रक्रिया लंबित होने के कारण विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं, जिससे सरकार की मंशा पर भी सवाल उठने लगे हैं।
क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और जल्द से जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर कार्य शुरू कराया जाए।
नागरिकों का कहना है कि यदि शीघ्र ही काम शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों ने चेतावनी दी है कि विकास कार्यों में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शासन की योजनाओं को पलीता लगाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।




