सीएम धामी युवा कैबिनेट मंत्री बहुगुणा की आँखों से देखेंगे बड़ी योजनाएं
धामी कैबिनेट में बढ़ा कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा का कद
जागरण मोर्चा कार्यालय,
सितारगंज /क्षेत्र के विधायक और सूबे के कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कैबिनेट में शिखर के पायदान हैं। सीएम धामी ने 5 करोड़ की लागत वाली योजनाओं की फाइल की जिम्मेदारी कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा को प्रदान कर उनका कद बढ़ा दिया है। कैबिनेट मंत्री ने खेल शिक्षा और सेवा से राजनीति तक का सफर तय किया हैं। राजनीति में आने से पहले वह गोल्फ के मैदान में भारत का परचम भी लहरा चुके हैं।
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने खेल के मैदान से राजनीति का सफर तय किया है। उत्तराखंड की राजनीति में सौरभ बहुगुणा उभरते चेहरे हैं। जिनकी पहचान केवल पद से नहीं, बल्कि सोच, काम और परिणामों से बनी मानी जाती हैं। जनता से सीधी बात, हर वर्ग का विकास, फैसलों को धरातल पर उतारने की ताकत ये सब गुण, बहुगुणा को विरासत में मिला हुआ है। कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के दादा स्व हेमवती नंदन बहुगुणा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे। उनकी दादी सांसद रही। कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के पिता विजय बहुगुणा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। राजनीतिक विरासत से निकले सौरभ बहुगुणा ने इस जिम्मेदारी को खुद के कंधों पर बखूबी उठाया।
राजनीतिक सफर में रहे अग्रणी
सितारगंज
कैबिनेट मंत्री सौरभ बांग्ला ने वर्ष 2017 में भाजपा की सदस्यता लेकर चुनाव लड़ा और भारी मतों से विजय हुए थे। हालांकि वर्ष 2012 में उन्होंने अपने पिता पूर्व सीएम विजय बहुगुणा के विधानसभा क्षेत्र सितारगंज में एक प्रतिनिधि के रूप में जनता की समस्याओं का समाधान किया था। वर्ष 2022 में उन्होंने विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकट पर प्रचंड जीत हासिल की।
9 वर्षों में 600 करोड़ की योजनाओं की लागू
सितारगंज
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने अपने 9 वर्षों के कार्यकाल में लगभग 600 करोड़ की योजनाओं को मूर्त रूप देकर क्षेत्र में विकास के आयाम स्थापित कर दिए। लगभग 80 करोड़ की लागत है राज्य का पहला एक्वा पार्क निर्माणाधीन हैं। सितारगंज और शक्तिफार्म के हजारों पट्टा धारकों को भूमिधारी अधिकार दिलाकर दशकों पुरानी मांग पूरी की। 72 करोड़ की लागत से सितारगंज में आंचल फैक्ट्री और मिल्क पाउडर निर्माण योजना को मंजूरी दिलाई। सितारगंज में रोडवेज बस स्टेशन निर्माण, सरकारी अस्पताल का उच्चीकरण, पार्क, पार्किंग निर्माण, पुल निर्माण और गली, कूचों को पक्की सड़क में निर्मित कर मुख्य सड़कों से जोड़ दिया।





