अकेली रह रही महिला के घर में घुसे आरोपी को मौके से पकड़कर पुलिस को सौंपा, रुपये लेकर छोड़ने का आरोप
बेलगाम पुलिस पर उठे सवाल, वजीरगंज थाने की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप
रुपये लेकर आरोपी को बचाने का आरोप, पीड़ित पक्ष न्याय को तरसा
सरकार की बदनामी, आखिर कौन है इसका जिम्मेदार
जागरण मोर्चा कार्यालय
बदायूं। जिले की कानून व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। वजीरगंज थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पीड़ित पक्ष ने कहा है कि घर में घुसकर उत्पात मचाने वाले आरोपी को पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय रुपये लेकर छोड़ दिया। इसके बाद से आरोपी लगातार पीड़ित परिवार को प्रताड़ित कर रहा है, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।
वजीरगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले किसान ने थाना पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि उसकी पुत्रवधू एक मकान में अकेले रहती है। 20 जुलाई की रात को मोहल्ले का ही रहने वाला एक युवक घर में घुस आया। जिसे परिवार के लोगों ने मौके पर पकड़ कर पीट दिया और पुलिस के हवाले कर दिया। डायल 112 पुलिस रहेडिया चौकी ले गई, जहां रातों-रात चौकी प्रभारी यशपाल सिंह ने अपनी पुलिस टीम के साथ आरोपी के परिजनों से मोटी रकम लेकर रात में ही छोड़ दिया। साथ ही महिला से एक प्रार्थना पत्र लेकर पीड़ित परिवार को ही फ़साने की साजिश रच डाली। पीड़ित परिवार के एक व्यक्ति को चौकी में बिठाकर पीटा गया।
हैरान करने वाली बात तो यह है कि इस मामले की जान जानकारी उच्च अधिकारियों को छोड़ो लेकिन थाना प्रभारी को भी नहीं दी गई। चौकी प्रभारी दोनों पक्षों में फैसला करने का दबाव बनाते रहे। किसी तरह यह मामला थाने पहुंचा तो थाना प्रभारी अश्वनी कुमार ने चौकी इंचार्ज को फटकार तो लगायी लेकिन बाद में चौकी इंचार्ज ने जो पढ़ा दिया उसी के आधार पर वह शांत हो गए। इसका मतलब है कि चौकी इंचार्ज ने कहा कि मोटी रकम मिल गई है। शांति बनाये रखो। फिर क्या छह दिन बाद भी पीड़ित न्याय को तरस रहा है।
आरोपी पक्ष का नया दाव, आरोपी कि शादी के कर दिए फोटो वायरल
हद उस समय हुई ज़ब आरोपी ने अपने भाई की साली से शादी कर रातों रात कर ली और शादी के फोटो पीड़ित पक्ष को भेज दिए। आरोपी ने पीड़ित परिवार सहित दावत में आने का कार्ड सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिए। पीड़ित परिवार का गांव में रहना अब दूभर हो गया है। पीड़ित परिवार अब गांव से पलायन भी कर सकता है। इसकी मुख्य वजह थाना पुलिस बनी है।
वर्जन
इस तरह का कोई प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा कोई मामला है तो. जांच कराई जाएगी। इस तरह की लापरवाही करने वाले कर्मचारियों को छोड़ा नहीं जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। अंकिता शर्मा, एसएसपी बदायूं





