थाने में पूछताछ के दौरान पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ आरोपी, तीन पुलिसकर्मी निलंबित
सिविल लाइंस थाने में दाखिल कराने के बाद मौका पाकर भागा वांछित अभियुक्त, तलाश में जुटीं पुलिस की टीमें
लापरवाही पर एसएसपी ने की कार्रवाई, दरोगा समेत दो सिपाहियों के खिलाफ भी मुकदमा
बदायूं। सिविल लाइंस थाने में पुलिस अभिरक्षा के दौरान एक वांछित आरोपी के फरार होने से पुलिस महकमे में खलबली मच गई। पूछताछ के दौरान आरोपी पुलिसकर्मियों को चकमा देकर थाने से निकल भागा। मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में एक उपनिरीक्षक समेत तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं।
पुलिस के अनुसार सिविल लाइंस थाने में दर्ज मुकदमा में वांछित चल रहे सुरजन सिंह यादव पुत्र राम बहादुर, निवासी ग्राम फिरोजपुर इकलहरी, थाना सिविल लाइंस, उम्र करीब 38 वर्ष को सोमवार को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे थाने लेकर आई और आवश्यक कार्रवाई के बाद पूछताछ की जा रही थी।
इसी दौरान आरोपी मौका पाकर पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। आरोपी के भागने की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू कर दी गई और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
घटना में ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षक सचिन यादव, आरक्षी सतेन्द्र कुमार और आरक्षी सनी वर्मा की लापरवाही सामने आने पर एसएसपी ने तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही सिविल लाइंस थाने में घटना के संबंध में अभियोग दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
इंस्पेक्टर जिम्मेदार फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
थाने से आरोपी का फरार होना जिम्मेदार इंस्पेक्टर की पूर्णतया लापरवाही सामने आई है। इसके बावजूद भी इंस्पेक्टर को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि संबंधित दरोगा समेत तीन लोगों पर एसएसपी अंकिता शर्मा ने निलंबन की कार्रवाई की है। अब सवाल यह उठा रहा है कि जिम्मेदार इंस्पेक्टर होता है। आखिर इंस्पेक्टर कहां थे। इसको लेकर लोगों के जेहन में सवाल चल रहे हैं। लोगों को कहना है कि इंस्पेक्टर पर कब करवाई होगी।




