नगर पंचायत अलापुर के अधिशासी अधिकारी पर गंभीर आरोप, अध्यक्ष ने मांगा जवाब
जागरण मोर्चा कार्यालय
बदायूं। नगर पंचायत अलापुर में प्रशासनिक, वित्तीय एवं विकास कार्यों में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष ने अधिशासी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए विस्तृत स्पष्टीकरण तलब किया है।
जारी नोटिस में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1916 के तहत अध्यक्ष को प्राप्त अधिकारों के अंतर्गत निरीक्षण, शिकायतों और अभिलेखों के परीक्षण के दौरान कई गंभीर लापरवाहियां उजागर हुई हैं। इनमें सबसे प्रमुख आरोप अधिशासी अधिकारी की कार्यालय में अनुपस्थिति को लेकर है। बताया गया कि उन्होंने कार्यभार ग्रहण करने के बाद से उपस्थिति रजिस्टर में अपना नाम तक दर्ज नहीं किया और करीब छह माह से नियमित रूप से कार्यालय नहीं आए, जबकि वेतन का आहरण लगातार होता रहा।
इसके अलावा 14वें और 15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत विकास कार्यों की निविदा प्रक्रिया समय पर शुरू न करने का भी आरोप है, जिससे कई महत्वपूर्ण कार्य लंबित पड़े हैं। वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना (डीपीआर) तैयार कर समय से स्वीकृति के लिए प्रस्तुत न करने से भी विकास कार्य प्रभावित हुए हैं।
नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए जारी कार्यादेशों के बावजूद कार्य समयसीमा में पूरे नहीं कराए गए और संबंधित फर्म के खिलाफ कोई वैधानिक कार्रवाई भी नहीं की गई। इसके अलावा नगर पंचायत के वार्षिक ठेकों की नीलामी न होने से राजस्व हानि की बात सामने आई है।
अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि अवस्थापना निधि, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना, तालाब सौंदर्यीकरण योजना, कान्हा गौशाला योजना और अन्त्येष्टि स्थल विकास योजना जैसी कई योजनाओं में धनराशि मिलने के बावजूद कार्य प्रारंभ नहीं कराए गए।
इतना ही नहीं, शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं के लिए मांगी गई डीपीआर भी समय पर तैयार कर नहीं भेजी गई, जिससे नगर पंचायत को मिलने वाली आर्थिक सहायता प्रभावित हुई। साथ ही उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में भी विलंब का मामला सामने आया है।
अध्यक्ष ने अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिया है कि सभी बिंदुओं पर अभिलेखीय साक्ष्यों सहित बिंदुवार स्पष्टीकरण निर्धारित समय में प्रस्तुत करें, अन्यथा नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।






