पेपर लीक के विरोध में बदायूं में प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
छात्र आंदोलन के समर्थन में उतरे संगठन, संसद मार्च पर लाठीचार्ज की निंदा
जागरण मोर्चा कार्यालय
बदायूं। जनहित सत्याग्रह मोर्चा एवं आशा कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को मालवीय आवास गृह पर एकत्र होकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा। यह ज्ञापन दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और नौजवानों द्वारा पेपर लीक के विरोध में चल रहे आंदोलन के समर्थन तथा संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में दिया गया।
मोर्चा के अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से छात्रों का भविष्य संकट में है। उन्होंने कहा कि पहले से ही सीमित नौकरियों और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच छात्र बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन पेपर लीक, भर्ती में देरी और परिणाम घोषित होने में विलंब उनके सपनों को तोड़ देता है।
मोर्चा के अध्यक्ष चरन सिंह यादव ने कहा कि आंदोलन की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते वर्षों में कई परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं और सरकार इस पर जवाबदेही से बच रही है।
क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के सतीश ने बताया कि जंतर-मंतर पर पर्यावरणविद सोनम वांगचुक सहित कई लोग लंबे समय तक अनशन पर बैठे रहे, लेकिन सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे वार्ता करने नहीं पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने जबरन धरना स्थल से हटाकर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया।
आशा यूनियन की मुनीशा देवी ने कहा कि 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया गया, जिसकी संगठन कड़ी निंदा करता है।
वक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलनों का दमन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और छात्रों की मांगों को जल्द पूरा किया जाए। साथ ही दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की न्यायिक जांच की मांग भी उठाई गई।
इस दौरान प्रेमपाल सिंह, चरन सिंह यादव, मुनीश देवी, डॉ. सतीश, रामप्रकाश, आरके जौहरी, एडवोकेट सीएल गौतम, एसपी सिंह, वीरेंद्र जाटव, ओमेंद्र सिंह, निर्दोष राठौर, नीलम, गिरिजा, अल्का, विनीता, राजकुमारी, रचना सहित अन्य लोग मौजूद रहे।




