राजनीति नहीं, रिश्तों की चौपाल: अपनों के बीच आ रहे हैं सलीम इक़बाल शेरवानी
जागरण मोर्चा कार्यालय
बदायूँ।
आज के दौर में जहाँ सियासत अक्सर चुनावी रैलियों और बंद कमरों के फैसलों तक सिमट कर रह गई है, वहीं कुछ नेता ऐसे भी हैं जिनके लिए राजनीति का मतलब सिर्फ ‘रिश्ता’ है। बदायूँ के विकास की इबारत लिखने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सलीम इक़बाल शेरवानी आगामी 19 जुलाई को एक बार फिर अपनी उसी मिट्टी और अपनों के बीच आ रहे हैं।
यह कोई पारंपरिक राजनीतिक रैली या शक्ति प्रदर्शन नहीं है, बल्कि एक आत्मीय संवाद है। 19 जुलाई को सुबह 10:00 बजे से होटल ‘फोर लीफ’ में सजने वाली इस चौपाल का मकसद न तो कोई भाषण देना है इसका एकमात्र उद्देश्य है—अपने लोगों के सुख-दुख को करीब से साझा करना और बदायूँ के सुनहरे कल पर मिलकर मंथन करना।
बदायूँ से 5 बार सांसद रहे शेरवानी जी का इस सरज़मीं से नाता राजनीतिक कम, पारिवारिक ज़्यादा रहा है। बिना किसी तामझाम के, सीधे जनता की आँखों में झांककर उनकी तकलीफों को समझना उनकी पहचान रही है। यदि आप भी बदायूँ की तरक्की में यकीन रखते हैं और इस अटूट रिश्ते के साक्षी बनना चाहते हैं, तो इस आत्मीय मिलन समारोह में आपका स्वागत है। आइए, इस अनौपचारिक बैठक का हिस्सा बनें और बदायूँ के भविष्य की नई पटकथा लिखें।





