आत्मज्ञान और भक्ति की अलख जगाकर संपन्न हुआ ‘सत्य परमात्म बोध शिविर’
श्रीपरम अक्रियधाम में पांच दिनों तक गूंजे आध्यात्मिक संदेश
आज विशेष सत्संग और विशाल महाभंडारे में उमड़ेगी श्रद्धा
श्रीपरम अक्रियधाम आश्रम में श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश देते महामंडलेश्वर स्वामी प्रवक्तानंद महाराज
जागरण मोर्चा कार्यालय, पीलीभीत।
खमरियापुल स्थित श्रीपरम अक्रियधाम आश्रम में आयोजित पांच दिवसीय ‘सत्य परमात्म बोध शिविर’ का मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ समापन हो गया। बरखेड़ा विधायक एवं महामंडलेश्वर स्वामी प्रवक्तानंद महाराज के सान्निध्य में आयोजित शिविर में पांच दिनों तक देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने सत्संग, ध्यान, भजन और आध्यात्मिक चिंतन के माध्यम से आत्मिक शांति का अनुभव किया।
शिविर में पीलीभीत के अलावा दिल्ली, आगरा, कानपुर, कन्नौज, हाथरस, एटा, सिकंदराराऊ, कासगंज समेत कई जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे आयोजन के दौरान आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा और अनुशासित ढंग से आध्यात्मिक कार्यक्रमों का संचालन किया गया। अपने प्रवचनों में स्वामी प्रवक्तानंद महाराज ने कहा कि मानव जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य केवल सांसारिक उपलब्धियां प्राप्त करना नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के वास्तविक संबंध को समझना है। उन्होंने कहा कि सत्य, सेवा, संयम और सदाचार को जीवन का आधार बनाकर ही व्यक्ति स्थायी सुख, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त कर सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सकारात्मक सोच अपनाने, मानव सेवा करने और नियमित आध्यात्मिक साधना के लिए प्रेरित किया।
पांच दिनों तक चले शिविर में प्रतिदिन ध्यान, भजन-कीर्तन और सत्संग के माध्यम से श्रद्धालुओं को आत्मबोध का संदेश दिया गया। आश्रम प्रबंधन ने शिविर में पहुंचे सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए उनके सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक प्रगति की कामना की।
आज होगा विशेष सत्संग और विशाल महाभंडारा
शिविर के समापन के उपरांत बुधवार, 29 जुलाई को श्रीपरम अक्रियधाम आश्रम में विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होगा। प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक स्वामी प्रवक्तानंद महाराज का विशेष सत्संग होगा, जिसमें धर्म, आत्मज्ञान और जीवन मूल्यों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया जाएगा। इसके बाद दोपहर 2 बजे से विशाल महाभंडारे का आयोजन होगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया जाएगा।
आश्रम प्रबंधन ने क्षेत्रवासियों से परिवार सहित कार्यक्रम में शामिल होकर सत्संग का लाभ लेने और महाप्रसाद ग्रहण करने की अपील की है। आयोजकों का कहना है कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सेवा, संस्कार, सद्भाव और आत्मजागरण की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं। पांच दिवसीय शिविर के सफल आयोजन ने श्रीपरम अक्रियधाम को क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना और जनकल्याण के प्रमुख केंद्र के रूप में एक बार फिर स्थापित किया है।





