हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा जनपद, श्रावण के पहले सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब

डीएम ज्ञानेंद्र सिंह और एसपी सुकीर्ति माधव ने गौरी शंकर मंदिर में किया जलाभिषेक
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद; देर रात तक चलता रहा कांवड़ियों का आगमन
जागरण मोर्चा, कार्यालय
राज कुमार
पीलीभीत। श्रावण मास के प्रथम सोमवार को जनपद पूरी तरह शिवभक्ति में सराबोर दिखाई दिया। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक स्थित प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसरों में “हर-हर महादेव”, “बोल बम” और “ॐ नमः शिवाय” के गगनभेदी जयघोष लगातार गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालु हाथों में गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, दूध, दही, शहद, पुष्प, मौसमी फल और अन्य पूजन सामग्री लेकर मंदिरों में पहुंचे तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की।

श्रावण मास के प्रथम सोमवार के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह एवं पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने ऐतिहासिक श्री गौरी शंकर मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की। दोनों अधिकारियों ने भगवान भोलेनाथ से जनपदवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश भी दिए।
शहर के प्रसिद्ध दूधियानाथ मंदिर, अर्धनारीश्वर मंदिर, ऐतिहासिक श्री गौरी शंकर मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिरों में जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप एवं विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का अभिषेक कराया, जबकि श्रद्धालुओं ने आरती कर भोलेनाथ की महिमा का गुणगान किया। घंटों, शंखनाद और शिव मंत्रों की ध्वनि से मंदिर परिसर देर तक गुंजायमान रहे। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया।
मंदिर समितियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। मंदिर परिसरों में साफ-सफाई, पेयजल, छाया, बैरिकेडिंग, दर्शन व्यवस्था तथा स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी। नगर निकाय एवं प्रशासन की टीमें पूरे दिन व्यवस्थाओं की निगरानी करती रहीं, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह चाक-चौबंद रही। सुबह करीब चार बजे से ही पुलिस बल प्रमुख शिवालयों, संवेदनशील स्थानों और प्रमुख चौराहों पर तैनात कर दिया गया था। पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर भी लगातार नजर रखे रहे। मंदिर परिसरों में सुरक्षा इकाइयों को सतर्क रखा गया तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने समय-समय पर विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंडी परिसर सहित प्रमुख मार्गों पर भी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया।
दूसरी ओर, कांवड़ियों के आने-जाने का सिलसिला पूरे दिन जारी रहा। हालांकि बदायूं के कछला घाट से आने वाले कांवड़ियों की बड़ी टोलियों का आगमन अभी पूरी तरह शुरू नहीं हुआ था, फिर भी स्थानीय शिवभक्तों में प्रथम सोमवार को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई शिवभक्त व्रत रखकर दिनभर भगवान शिव की आराधना में लीन रहे, जबकि अनेक स्थानों पर भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों का भी आयोजन किया गया।श्रावण के पहले सोमवार पर जनपद के शिवालयों में उमड़ी आस्था ने एक बार फिर भगवान भोलेनाथ के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा का परिचय दिया। दिनभर पूरा शहर शिवमय वातावरण में डूबा रहा और देर शाम तक मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। प्रशासन, पुलिस, मंदिर समितियों और स्वयंसेवकों के बेहतर समन्वय के चलते धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुए, जिससे श्रद्धालुओं ने भी व्यवस्थाओं की सराहना की।




