डीएपी बिक्री में छह लाख रुपये के अंतर का आरोप, जांच पर टिकी निगाहें
जागरण मोर्चा कार्यालय
वजीरगंज। वजीरगंज सहकारी समिति के क्रय-विक्रय केंद्र पर डीएपी खाद की बिक्री को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ता ने समिति के सचिव और कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत से किसानों के लिए आने वाली खाद को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर समिति से बाहर बेचने का आरोप लगाया है। शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने से मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
शिकायत के अनुसार समिति केंद्र पर पहुंचने वाली डीएपी की मात्रा और उसकी बिक्री में भी अनियमितता की आशंका जताई गई है। बताया गया है कि एक गाड़ी में करीब 400 बैग डीएपी आती है। यदि पांच गाड़ियां समिति तक पहुंची हैं तो कुल मात्रा करीब 2,000 बैग हो सकती है। हालांकि खाद की वास्तविक आवक और बिक्री की स्थिति स्टॉक रजिस्टर, चालान, बिक्री रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
निर्धारित दर और कथित बिक्री कीमत में अंतर
शिकायत में दावा किया गया है कि डीएपी का निर्धारित मूल्य करीब 1,350 रुपये प्रति बैग है, जबकि कथित तौर पर इसे समिति से बाहर करीब 1,650 रुपये प्रति बैग की दर से बेचा जा रहा है। इस तरह दोनों दरों में 300 रुपये प्रति बैग का अंतर बताया गया है।
शिकायत में बताए गए आंकड़ों को केवल गणना के आधार के रूप में लें तो 2,000 बैग पर 300 रुपये का अंतर करीब छह लाख रुपये बैठता है। हालांकि यह राशि तभी प्रमाणित मानी जा सकती है, जब विभागीय जांच में खाद की वास्तविक मात्रा, खरीद-बिक्री और दरों की पुष्टि हो।
मामले में शिकायत संबंधित एआर स्तर के अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप है। ऐसे में स्टॉक का भौतिक सत्यापन, आवक-जावक का मिलान और बिक्री अभिलेखों की जांच कराई जाती है या नहीं, इस पर किसानों की नजर है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।




