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वायरल वीडियो के बाद भी नहीं थमा पेड़ कटान का खेल पीपल, नीम, शीशम और फलदार पेड़ों पर चल रहा आरा, वन विभाग और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

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वायरल वीडियो के बाद भी नहीं थमा पेड़ कटान का खेल

 

पीपल, नीम, शीशम और फलदार पेड़ों पर चल रहा आरा, वन विभाग और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

जागरण मोर्चा कार्यालय

उसावां। क्षेत्र में हरे पेड़ों के अवैध कटान का मामला लगातार सामने आने के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई न होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्र में पीपल, नीम, शीशम समेत फलदार पेड़ों के कटान के वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो में खुलेआम पेड़ों की कटाई और लकड़ी को ले जाने की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं। इसके बावजूद वन विभाग और स्थानीय पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से पेड़ों की कटाई का सिलसिला चल रहा है। कई स्थानों पर हरे और फलदार पेड़ों को भी बिना अनुमति काटे जाने के आरोप हैं। पेड़ काटने के बाद लकड़ी को आरा मशीनों तक पहुंचाए जाने की बात भी सामने आ रही है। आरोप है कि यदि समय रहते निगरानी और कार्रवाई की जाए तो अवैध कटान पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।

 

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पेड़ों की कटाई से संबंधित वीडियो लगातार सामने आ रहे हैं तो जिम्मेदार विभागों की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ रही है। वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले स्थानों की जांच कर यह पता लगाया जा सकता है कि पेड़ों का कटान किसकी अनुमति से किया गया और काटी गई लकड़ी कहां ले जाई गई। इसके साथ ही क्षेत्र में संचालित आरा मशीनों की भी जांच की जरूरत है।

 

पर्यावरण संरक्षण के लिए हरे पेड़ों का संरक्षण बेहद जरूरी है। पेड़ों का अवैध कटान न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि नियमों की अनदेखी का भी मामला है। ऐसे में वायरल वीडियो को महज सोशल मीडिया की सामग्री मानकर नजरअंदाज करने के बजाय उसकी सत्यता की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है।

 

ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर पेड़ों के अवैध कटान की जांच कराने, आरा मशीनों के अभिलेखों और लकड़ी के स्रोत की जांच करने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि लगातार सामने आ रहे वीडियो के बाद वन विभाग और पुलिस कब सक्रिय होती है और पेड़ों के अवैध कटान पर रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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