आसफपुर में ‘प्राइवेट असिस्टेंट सिस्टम’ पर उठे सवाल, राशन कार्ड सत्यापन में वसूली के आरोप
निजी सहायकों से सरकारी काम कराने का मामला गरमाया, सफाईकर्मी से लिपिकीय कार्य कराने के आरोपों की होगी जांच
जागरण मोर्चा कार्यालय
आसफपुर। विकास खंड आसफपुर में सरकारी कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में ग्राम पंचायत आसफपुर में राशन कार्ड के नए और संशोधित आवेदनों के सत्यापन के नाम पर कथित सुविधा शुल्क वसूले जाने का मामला सामने आने के बाद अब पूरे ब्लॉक में सचिवों द्वारा निजी सहायकों से सरकारी कार्य कराए जाने की व्यवस्था चर्चा का विषय बन गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विकास खंड की अधिकांश ग्राम पंचायतों में सचिवों ने निजी सहायकों को बैठा रखा है, जो आवेदन लेना, फाइलें तैयार करना, दस्तावेजों का मिलान करना और अन्य कार्यालयी कार्य करते नजर आते हैं। कई जगह फरियादियों का सामना सीधे सचिव से न होकर पहले इन निजी सहायकों से होता है।
राशन कार्ड सत्यापन में वसूली के आरोप
हाल ही में सामने आए प्रकरण में आरोप लगाया गया कि राशन कार्ड सत्यापन के नाम पर लोगों से 50 से 200 रुपये तक कथित सुविधा शुल्क लिया गया। साथ ही सचिव के निजी सहायक द्वारा कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेजों का सत्यापन करने की बात भी सामने आई। इस मामले में ग्राम पंचायत सचिव अवधेश कुमार सागर ने जानकारी से इनकार करते हुए कहा था कि वह संबंधित दिन अवकाश पर थे और जानकारी मिलने पर निजी सहायक को हटा दिया गया है। हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि उक्त व्यक्ति अभी भी कार्यालय में कार्य करता दिखाई दे रहा है।
नियमों पर उठे सवाल
पूरे मामले के बाद यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या ग्राम पंचायत सचिवों को निजी सहायकों को रखकर सरकारी कार्य कराने का कोई वैधानिक अधिकार है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी कर्मचारी नहीं है तो उसे सरकारी अभिलेखों तक पहुंच कैसे दी जा रही है, जिससे पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों पर प्रश्नचिह्न लगते हैं।
सफाईकर्मी से लिपिकीय कार्य कराने का आरोप
इसके अलावा एडीओ पंचायत कार्यालय में एक सफाईकर्मी से नियमित रूप से लिपिकीय कार्य कराए जाने का आरोप भी सामने आया है। यदि यह सही है तो यह भी गंभीर प्रशासनिक अनियमितता मानी जा रही है।
अधिकारियों ने दिए जांच के निर्देश
जिला पंचायत राज अधिकारी याबर अब्बास ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सचिव के हस्ताक्षर कर रहा है तो यह अत्यंत गंभीर मामला है और इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी सहायकों से सरकारी कार्य कराना नियमों के विरुद्ध है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
मुख्य विकास अधिकारी गामिनी सिंगला ने भी कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं खंड विकास अधिकारी लटूरी सिंह यादव ने बताया कि उन्होंने हाल ही में कार्यभार संभाला है और मामले की जांच कराई जाएगी।
जांच का इंतजार
स्थानीय लोगों ने पूरे विकास खंड में विशेष जांच अभियान चलाने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं सरकारी कार्यों में निजी व्यक्तियों की अवैध भागीदारी तो नहीं हो रही। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है।




