फर्जी हस्ताक्षर से निविदा अवधि बढ़ाने का आरोप, ईओ समेत दो पर मुकदमा 
नगर पंचायत अलापुर की ई-निविदा प्रक्रिया पर उठे सवाल, ईओ व कंप्यूटर ऑपरेटर पर गंभीर आरोप
जागरण मोर्चा कार्यालय
बदायूं। नगर पंचायत अलापुर की ई-निविदा प्रक्रिया में फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित सरकारी अभिलेख तैयार कर निविदा की अवधि बढ़ाने का आरोप लगाया गया है। नगर पंचायत अध्यक्ष हुमा बी ने अधिशासी अधिकारी त्रिवेंद्र कुमार और कंप्यूटर ऑपरेटर आलम रहमान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट में प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय के आदेश पर मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
प्रार्थना पत्र में नगर पंचायत अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि विभिन्न विकास कार्यों के लिए चार दिसंबर 2025 को ई-निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 20 दिसंबर और उन्हें खोले जाने की तिथि 22 दिसंबर निर्धारित थी। आरोप है कि अधिशासी अधिकारी ने बिना किसी वैधानिक आदेश या अध्यक्ष की अनुमति के ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया नगर पंचायत सैदपुर में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर आलम रहमान से कराई।
अध्यक्ष का कहना है कि वह 12 से 23 दिसंबर 2025 तक गर्भावस्था के अंतिम चरण में चिकित्सकीय देखरेख के लिए दिल्ली में थीं। इसी दौरान 20 दिसंबर को उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर पत्रांक 949 तैयार किया गया और उसके आधार पर निविदा की अवधि बढ़ा दी गई। अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यह पत्र उन्होंने जारी नहीं किया था और हस्ताक्षर भी उनके वास्तविक हस्ताक्षर नहीं हैं।
प्रार्थना पत्र के अनुसार कार्यालय कर्मचारी हिमांशु शर्मा समेत अन्य कर्मचारियों से जानकारी लेने पर पत्र के संबंध में जानकारी मिली। अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि निविदा अवधि बढ़ाकर चहेते ठेकेदारों के टेंडर अपलोड कराने का प्रयास किया गया। निर्धारित तिथि बीतने के बाद भी निविदाएं नहीं खोले जाने से पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं।
अध्यक्ष ने बताया कि 25 दिसंबर 2025 को थाना वजीरगंज और सात जनवरी 2026 को एसएसपी बदायूं को शिकायत दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय की शरण ली गई। मामले में फर्जी हस्ताक्षर, कूटरचित सरकारी दस्तावेज, धोखाधड़ी और सरकारी अभिलेखों में हेरफेर समेत अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अलापुर पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है।




