मां के सामने बेटी से किया दुष्कर्म, दोषी को आजीवन करावास
नौकरी दिलाने के बहाने मां का कराया था धर्म परिवर्तन, करता रहा दुष्कर्म
दोषी पर लगाया 20 हजार रुपये का जुर्माना
जागरण मोर्चा कार्यालय
बदायूं। पहले मां को बहला-फुसलाकर करा लिया धर्म परिवर्तन उसके बाद मां के सामने ही नाबालिक बेटी से किया दुष्कर्म के आरोपी को पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश दिनेश तिवारी ने आरोपी को दोषी करार दिया है। आरोपी को आजीवन कारावास की सजा देने के साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में रहने वाली महिला ने 4 अगस्त 2023 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि वह अनुसूचित जाति की महिला है। उसके पति का कुछ समय पहले देहांत हो गया था। वह अपने बच्चों की परिवरिश के लिए काम की तलाश में थी। इसी दौरान अरशद अली से मुलाकात हुई,उसने अपने आप को लेबर ठेकेदार बताकर उसको काम दिलाने व वेतन दिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसा लिया और उसको अपने साथ ले जाकर जबरन बलात्कार किया तथा धर्म परिवर्तन करने के बाद उसका नाम रेशमा रख दिया। बताया कि झांसा देकर उसके साथ बार-बार बलात्कार किया गया। जबरन कलमा पढ़वाया गया और उसको नमाज पढ़वाने पर विवश किया गया। अभियुक्त अरशद हरियाणा ले गया और वहां वह अपनी नाबालिक बेटी के साथ काम करने लगी।
3 जून 2023 को वह अपनी नाबालिक बेटी को छोड़कर काम पर गई तो शाम करीब 8:00 बजे अरशद जबरन उसके के घर में घुस गया।उसकी बेटी को जनरन कमरे में खींचकर चाकू की नौक पर डरा धमकाकर दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था।शुक्रवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपस्थित साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।




