लंपी की जांच को टीमें गठित, गांव-गांव पहुंच रही
15 गांवों में जांच के दौरान नहीं मिला लंपी का कोई मामला
जागरण मोर्चा कार्यालय
बदायूं। क्षेत्र में पशुओं में लंपी वायरस की आशंका को देखते हुए पशुपालन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर गांव-गांव पशुओं की जांच के लिए टीमें गठित की गई हैं। टीमें लगातार गांवों में पहुंचकर पशुओं की जांच कर रही हैं और पशुपालकों को बीमारी के लक्षणों के प्रति जागरूक भी कर रही हैं।
अब तक क्षेत्र के करीब 15 गांवों में पशु चिकित्सा विभाग की टीमों ने पहुंचकर पशुओं की जांच की है। जांच के दौरान किसी भी पशु में लंपी बीमारी के लक्षण नहीं मिले हैं। विभाग की ओर से एहतियात के तौर पर निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। टीमों को विशेष रूप से ऐसे पशुओं की जांच करने के लिए कहा गया है, जिनमें शरीर पर गांठ, बुखार, त्वचा पर घाव या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई दे रहे हों।
पशुपालकों को किया जा रहा जागरूक, संदिग्ध पशुओं की सूचना देने की अपील
सीवीओ ने क्षेत्र के पशु चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों को गांव-गांव जाकर नियमित जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पशुपालकों से कहा गया है कि किसी पशु में लंपी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल विभाग को सूचना दें। टीमों द्वारा पशुओं के रखरखाव, साफ-सफाई और बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी जा रही है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अभी तक जांच किए गए 15 गांवों में लंपी का कोई केस सामने नहीं आया है। इसके बावजूद संभावित संक्रमण को देखते हुए निगरानी में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा रही है। टीमों को लगातार भ्रमण कर पशुओं की स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।





