शासन की गाइडलाइन के बावजूद नहीं आई संविदा कुष्ठ कर्मचारियों की सैलरी, त्योहार पर मायूसी
जागरण मोर्चा कार्यालय
बदायूं। शासन की गाइडलाइन के बावजूद संविदा पर तैनात कुष्ठ विभाग के कर्मचारियों को त्योहार से पहले वेतन नहीं मिल सका। जिले की विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर तैनात करीब 15 पीएमडब्ल्यू (पैरामेडिकल वर्कर) वेतन का इंतजार करते रह गए। वहीं, अन्य संविदा कर्मचारियों का वेतन खाते में पहुंच गया। इससे कुष्ठ विभाग के कर्मचारियों में नाराजगी है।
कर्मचारियों का आरोप है कि शासन स्तर से त्योहार से पहले संविदा कर्मचारियों का वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कुष्ठ विभाग के संविदा कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी हुई। कर्मचारियों का कहना है कि सीएमओ कार्यालय की ओर से भी सभी कर्मचारियों को त्योहार से पहले वेतन दिलाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन संबंधित स्तर पर लापरवाही के चलते उनका भुगतान नहीं हो सका।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सीएमओ कार्यालय में कुष्ठ विभाग का काम देखने वाले संबंधित बाबू अनिल की लापरवाही के कारण वेतन भुगतान की प्रक्रिया समय से पूरी नहीं हो सकी। उनका कहना है कि संबंधित कर्मचारी से कुष्ठ विभाग का कार्य लेने के बजाय अन्य काम कराया जाता है, जबकि वेतन कुष्ठ विभाग से लिया जा रहा है। कर्मचारियों ने इस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं।
पीएमडब्ल्यू कर्मचारियों का कहना है कि त्योहार के समय वेतन न मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा। अन्य संविदा कर्मचारियों का वेतन जारी होने के बाद कुष्ठ विभाग के कर्मचारियों में रोष और बढ़ गया है।
कर्मचारियों ने सीएमओ से मामले की जांच कराकर जिम्मेदारी तय करने और लंबित वेतन तत्काल जारी कराने की मांग की है। साथ ही शासन की गाइडलाइन के अनुसार भविष्य में समय से वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।
बाबू ने कहा एसीएमओ के नहीं हो सके फाइल पर हस्ताक्षर
कुष्ट विभाग में तैनात बाबू अनिल कुमार ने बताया कि फाइल तैयार कर ली थी लेकिन अधिकारी के हस्ताक्षर न होने की वजह से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल सका है. जल्द ही वेतन भेज दिया जायेगा।
एसीएमओ मोहन झा ने कहा नहीं आया बजट
स्वास्थ विभाग में लापरवाही का आलम यह है कि सीएमओ के आदेश के बाद भी कुष्ट विभाग के संविदा कर्मचारियों को वेतन रक्षाबंधन से पहले नहीं मिल सका। जानकारी करने पर ए सीएमओ डॉ मोहन झा बजट का रोना रोते नजर आए जबकि बाबू अधिकारी के हस्ताक्षर न होने की बात कह रहा है। अधिकारियों और बाबू की लापरवाही के चलते कर्मचारियों का त्यौहार फीका रहा। इस मामले में सीएमओ डॉ विकास शर्मा से बात करनी चाही तो उनका फोन ही रिसीव नहीं हुआ।




