हवालात या अस्पताल में युवक की मौत: नए वीडियो ने पुलिस की भूमिका पर खड़े किए सवाल
गांव में किया गया राजेश का अंतिम संस्कार, पुलिस बल रहा मौजूद
जागरण मोर्चा कार्यालय
बदायूं। दातागंज थाना क्षेत्र में पुलिस कस्टडी में राजेश की मौत के मामले में सामने आए हवालात के नए सीसीटीवी वीडियो ने घटना को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में पुलिसकर्मी राजेश को पानी पिलाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं, लेकिन राजेश पानी पीने की हालत में भी नहीं दिख रहा। इसी दौरान पुलिसकर्मी के हाथ छोड़ते ही वह जमीन पर गिरता दिखाई देता है।
वीडियो में एक पुलिसकर्मी राजेश का कॉलर पकड़कर उसे झटका देता हुआ भी नजर आ रहा है। इसके बाद राजेश काफी देर तक हवालात के गेट के पास जमीन पर पड़ा दिखाई देता है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, वीडियो में पूरी घटना स्पष्ट नहीं होने के कारण किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जांच का विषय है।
मामले में एसएसपी की ओर से कहा गया है कि पुलिसकर्मियों ने राजेश के साथ मारपीट नहीं की। पुलिस के मुताबिक, हवालात में रहने के दौरान राजेश की तबीयत बिगड़ी थी। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दूसरी ओर, परिजनों से तहरीर लेकर पुलिस ने राजेश की मौत के मामले में उसके विपक्षियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किए जाने की बात कही है। इसी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि यदि राजेश की हत्या हुई थी तो वह पुलिस की हवालात में कैसे पहुंचा और उसकी हालत वहां बिगड़ने की स्थिति कैसे बनी।
अब सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग को और गंभीर बना दिया है। वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और पुलिस के दावों के बीच अंतर की जांच आवश्यक है। मामले में पुलिस कस्टडी में मौत, सीसीटीवी फुटेज और दर्ज मुकदमे को लेकर जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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सवाल :हार्ट अटैक से मौत की पुष्टि तो हत्या की रिपोर्ट क्यों
राजेश को पीटा गया तो हवालात में रात भर क्यों
आखिर क्या वजह रही कि पुलिस ने नहीं कराया मेडिकल
पीटने वाले को किसके इशारे पर किया गया रिहा
जागरण मोर्चा कार्यालय
बदायूं। पुलिस हिरासत में राजेश की मौत का मामला अब कई सवाल खड़े कर रहा है। एक ओर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है, वहीं पुलिस की ओर से हत्या की रिपोर्ट दर्ज किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि यदि मौत प्राकृतिक कारणों से हुई तो हत्या का मुकदमा दर्ज करने की जरूरत क्यों पड़ी?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि राजेश को कथित तौर पर पीटे जाने के बाद भी उसे रातभर हवालात में क्यों रखा गया। यदि पुलिस को उसकी तबीयत खराब होने की जानकारी थी तो तत्काल मेडिकल परीक्षण क्यों नहीं कराया गया? समय रहते अस्पताल ले जाने के बजाय उसे हवालात में रखने की वजह क्या थी, यह भी जांच का विषय है।
इसके अलावा राजेश की पिटाई के आरोप में जिस व्यक्ति का नाम सामने आया, उसे आखिर किसके इशारे पर रिहा किया गया? यदि मारपीट की घटना हुई थी तो पुलिस ने तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की?
अब सवाल यह भी उठ रहा है कि कहीं पुलिस ने खुद को बचाने के लिए हत्या का मुकदमा दर्ज तो नहीं किया। हवालात के भीतर का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर संदेह और गहरा गया है। पूरे मामले में निष्पक्ष जांच से ही इन सवालों के जवाब सामने आ सकेंगे।






