-भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव से और मजबूत होंगे देशों के संबंध
-भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव दोनों देशों के कवि/कलाकारों ने प्रस्तुत किए कवि सम्मेलन व सांस्कृतिक कार्यक्रम
-भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव के भव्य आयोजन कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार

जागरण मोर्चा कार्यालय

 पीलीभीत। संस्कृति विभाग व जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आज गांधी प्रेक्षागृह परिसर में भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम में जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ0 आलोक कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया, नगर मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर,  विधायक बीसलपुर विवेक वर्मा,  जिला पंचायत अध्यक्ष डाॅ0 दलजीत कौर, महोत्सव के नोडल अतुल द्विवेदी की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में दोनों देशों की कला व संस्कृति का अदभुत संगम दिखा। कार्यक्रम का शुभारम्भ कवि सम्मेलन से हुआ।
           जिलाधिकारी ने कहा कि भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव सभ्यता व संस्कृति का संगम है। इससे लोग एक-दूसरे की सभ्यता व संस्कृति से परिचित होंगे। यह मैत्री महोत्सव भारत सरकार एवं उ.प्र. सरकार की ओर से एक अच्छी पहल है, ऐसे आयोजन से दोनों देशों के बीच पुरातन काल से चली आ रही दोस्ती और मजबूत होगी। इसलिए हम नेपाल को भारत से पृथक सोच ही नहीं सकते।
           कवि सम्मेलन में शिव कुमार व्यास बाराबंकी, श्यामल मजूमदार पश्चिम बंगाल, नीरज पाण्डेय व उत्कर्ष उत्तम रायबरेली, सरोज सरगवान पीलीभीत, प्रख्यात मिश्रा, प्रमोद द्विवेदी व अशोक अग्निहोत्री लखनऊ से आए प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से राष्ट्र, संस्कृति, सामाजिक सरोकार एवं मानवीय संवेदनाओं को प्रभावी स्वर प्रदान किया। कवियों की ओजपूर्ण एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों से पंडाल तालियों से गूंज उठा।
          कवि सम्मेलन के उपरान्त सरिता मिश्रा द्वारा लोक गायन, शशांक ऋषि शंखधर एवं दल द्वारा नुक्कड नाटक,  शिव नारायण का चकरी नृत्य (राजस्थान), नेपाली कलाकारों का लोक नृत्य, अंजू रानी द्वारा लोक गायन, कृष्ण प्रसाद त्रिवेदी द्वारा भजन गायन, श्याम जीत सिंह द्वारा लोक गायन, संदीप सिंह एव ंदल द्वारा थारू नृत्य की प्रस्तुति की गई। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत एवं नेपाल की साझा सांस्कृतिक विरासत, लोक परम्पराओं एवं जनजातीय कला रूपों की सजीव अभिव्यक्ति मंच देखने को मिली।

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